बच्चों पर हाथ उठाया तो लगेगी हथकड़ी
नयी दिल्लीः बच्चों को पीटने वाले मां-बाप जरा सावधान हो जाएं। जिन मां-बाप को लगता है कि पिटाई से ही बच्चे सुधरेंगे उनके लिये अब खतरे की घंटी बजने वाली है। दरअसल, सरकार एक ऐसा कानून बनाने पर विचार कर रही है जिसके तहत यदि किसी मां बाप ने अपने बच्चे के साथ क्रूरता दिखाई तो उन्हें जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है। यह कानून शिक्षण संस्थानों के अलावा बच्चों के पैरेंट्स, रिश्तेदारों, पड़ोसियों या उनके मित्रों पर भी लागू हो सकता है। यानी अमेरिका की तरह अब भारत के बच्चों को भी उन पर अत्याचार करने वाले मां-बाप व रिश्तेदारों को जेल भिजवाने का हक मिल सकता है।
प्रस्तावित कानून यदि अमल में आता है तो पहली बार बच्चे को पीटने पर आरोपियों को एक साल की सजा या 5 हजार का जुर्माना हो सकता है, लेकिन दूसरी बार भी यदि इस तरह का मामला सामने आया तो दोषियों को तीन साल की जेल और 25 हजार तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा तैयार किये गये इस बिल के मसौदे को शीघ्र ही कैबिनेट में लाया जा सकता है। महिला एवं बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ के मुताबिक बिल के मसौदे पर चर्चा जारी है और जल्द ही इसे कैबिनेट में लाया जायेगा। मसौदे के मुताबिक कोई व्यक्ति अगर बच्चे पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के दौरान बच्चे को शारीरिक क्षति पहुंचाता है तो उसे बच्चे के प्रति हिंसा, क्रूरता या अमानवीय व्यवहार दर्शाने के लिये दोषी ठहराया जा सकता है। यह कानून बच्चे के माता पिता, उसके रिश्तेदारों, पड़ोसियों, स्कूल टीचर और दोस्तों पर भी लागू होगा। बच्चों की रैगिंग को भी इस कानून के तहत लाया जायेगा।

ye to bahut achcha kanun hai, kash ye hamare time me bhi aisa kanun banta. to hum apne mammy papa se itna maar nahi khaye hue hote.
17 July 2010 at 07:42