गरीब छात्रों के लिए केंद्र बनाने जा रहा है ईएफसी
लखनऊः इंजीनियरिंग और मेडिकल कक्षाओ में प्रवेश के लिए संयुक्त परीक्षा कराने की ओर अग्रसर केन्द्र सरकार ने आज कहा कि गरीब छात्रों के लिए एजुकेशन फाइनेंस कारपोरेशन (ईएफसी) बनाया जायेगा। केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने यहां कहा कि उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए अब गरीबों के समक्ष कोई परेशानी नहीं होगी क्योंकि केन्द्र सरकार ईएफसी बनाने जा रही है जिसके तहत छात्रों को आठ प्रतिशत की दर से शिक्षा ऋण उपलब्ध होगा। बैंक में केन्द्र सरकार गारंटर होगी।
श्री सिब्बल ने बताया कि 20-25 वर्षों के लिए मिलने वाले इस ऋण से खासतौर पर मध्यम वर्ग के छात्रों को काफी मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि ईएफसी योजना अगले सत्र तक लागू हो जाने की पूरी संभावना है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार यूआईडी कार्ड सिस्टम भी लागू करने जा रही है जिसके तहत सारी डिग्री डिमेट फर्मा में आ जायेगी। इस योजना के अगले साल शुरू हो जाने की संभावना है। यूआईडी कार्ड नम्बर में ऋण की भी पूरी जानकारी होगी। छात्र के सेवा में आ जाने पर नियोक्ता की जिम्मेदारी होगी कि उसके वेतन से ऋण की किस्त की कटौती करके सीधे बैंक में भेज दें।
शिक्षा के अधिकार कानून की चर्चा करते हुए श्री सिब्बल ने कहा कि जो राज्य इस कानून को लागू करने में हीलाहवाली करेंगे उन्हें छात्रों के अभिभावक 2012 में समुचित जवाब देंगे। सन् 2009 में संसद से पारित इस कानून को तीन साल में लागू करने का समय दिया गया है। राज्यों से इन तीन वर्षों में बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने की अपेक्षा की गयी है। उत्तर प्रदेश में हालांकि 2012 में विधानसभा के चुनाव प्रस्तावित हैं। केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री ने सफाई दी कि 2012 से उनका मतलब उत्तरप्रदेश के चुनाव से नहीं है।

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