वज्रासन दूर करे पाचन तंत्र की गड़बड़ी
एक कहावत है कि जब पेट हो दुरूस्त तो क्यों वैद्य के निकट। जी हां, हमारा पाचन तंत्र ही हमारे स्वस्थ अथवा अस्वस्थ होने का मूल आधार होता है। यदि आपका पाचन तंत्र ठीक-ठाक काम कर रहा है तो निश्चित मानिए कि आप अच्छी प्रतिरोधक क्षमता लिए स्वस्थ रहेंगे, क्योंकि अधिकांश बीमारियों की जड़ पेट से ही तैयार होती है। पाचन तंत्र को दुरूस्त बनाये रखने के लिए हम आपको एक सरल आसन की जानकारी दे रहे हैं , जो आपकी पाचन क्षमता को दुरूस्त तो रखेगा ही, कब्ज अथवा गैस जैसी बीमारियों से भी आपको राहत पहुंचायेगा। इस आसन की सरल विधि आपकी जानकारी के लिए यहां प्रस्तुत कर रहे हैं-
पैर को सामने की ओर फैलाकर साधारण तरीके से एक-एक कर दोनों पैरों को मोड़कर घुटनों को सटाते हुए दोनों पंजों के अंगूठों को स्पर्श करायें। अब अपना शरीर सामने की ओर थोड़ा-सा झुकाकर एड़ी पर बैठें। अपनी दोनों हाथों की हथेलियों को जांघ के अगले हिस्से पर रख लें। सांस की गति सामान्य रखें, जैसाकि आप सांस लेते हैं। अब इस अवस्था में अपनी क्षमतानुसार बैठें।
शुरुआती दौर में हालांकि आपको यह आसन करते हुए थोड़ी तकलीफ हो सकती है मगर धीरे-धीरे यह समाप्त हो जायेगी। योग गुरुओं का मानना है कि इस आसन को भोजन के पहले या भोजन के बाद भी किया जा सकता है।
इस आसन को नियमित करने से पाचन तंत्र की गड़बड़ी तो ठीक होगी ही, साथ ही भोजन करने की अनिच्छा भी दूर होगी और कमर क्षेत्र में उत्पन्न होने वाली तकलीफें भी दूर हो जायेंगी।


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