थोड़ी समझदारी से मिल सकती है ज्यादा कीमत
अच्छी और बुरी लोकेशन में फर्क
शांत वातावरण, अच्छा पड़ोस, पास में दुकानें, स्कूल, पोस्ट आफिस और आसान ट्रांसपोर्ट सुविधाएं जैसी खूबिया किसी भी लोकेशन को अच्छा बनाती हैं। दूसरी ओर घर के पास शोर रहना, कूड़े के ढेर होना, क्राइम रेट ज्यादा होना और पास में स्कूल या दुकानें मौजूद न होना, जैसी बातें बुरी लोकेशन के फैक्टर्स में गिनी जाती हैं।
बुरी लोकेशन के समाधान
अगर आपका घर अच्छी लोकेशन पर नहीं है, तो ऐसे में प्रॉपर्टी रेंट पर देने या बेचन के दो रास्ते हैं। पहला तो ये कि दाम कुछ कम कर दिए जाएं या फिर प्रॉपर्टी में कुछ अट्रैक्टिव फीचर जोड़े जाएं। बेशक इन दोनों ही आप्शंस में फाइनेंशन गेन आपकी उम्मीद से कुछ कम रहेगा।
क्या होंगे एड-आन फीचर्स
आप ऐसा कुछ भी अलग कर सकतेहैं, तो आपके पड़ोसे में मौजूद न हो। आप सोलर वॉटर हीटर, केबल टीवी डिश एंटीना या प्राइवेट गैराज जैसी कोई सुविधा दे सकते हैं। या फिर पूरी तरह से सेट होम आफिस की आप्शन रखी जा सकती है। इसके अलावा, घर को डिफरेंट और अट्रैक्टिव पैटर्न से पेंट भी करवाया जा सकता है। ये बातें सेल व रेंटल वैल्यू को जरूर बढ़ा देंगी।
क्लाइंट साइकॉलजी को समझें
घर के सल होने या रेंट पर होने के लिए क्लाइंट साइकॉलजी को समझना बहुत जरूरी है। दरअसल, किसी भी घर में उसके मालिक की छवि साफ दिखती है। यही वजह है कि ऊंची कीमतें होने के बावजूद लोग नई प्रॉपर्टी खरीदना प्रीफर करते हैं जब आप प्रॉपर्टी सेल करें, तो पहले वे चीजें हटा दें, तो किसी और ने लगाई थीं। इस तरह क्लाइंट अपनी पसंद व जरूरत के अनुसार घर के ‘कैनवास’ को भर सकेगा।


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