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उच्च रक्तचाप से बचने के लिए खूब हंसें

भारत में करीब 40 फीसदी लोग उच्च रक्तचाप के शिकार हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इस समस्या से बचने के लिए दवाओं पर निर्भर होने के बजाय लोगों को आराम करने, खान-पान पर नियंत्रण और हंसने-हंसाने का सहारा लेना चाहिए। उल्लेखनीय है कि भारत में हर साल करीब 5.3 लाख लोग हाइपरटेंशन से पीड़ित होकर दिल की बीमारियों की चपेट में आकर दम तोड़ देते हैं। चिकित्सा विज्ञानियों के अनुसार इस रोग से मरने वालों की तादाद तेजी से बढ़ रही है।
उत्तर भारत में कराए गए एक अध्ययन से पता चला है कि हाइपरटेंशन के मामले 1963 में 3.98 फीसदी के स्तर से वर्ष 2009 में बढ़कर 36.78 फीसदी के स्तर पर पहुंच गए हैं। घर के अंदर ज्यादा वक्त गुजारने वाली जीवनशैली और खान-पान में लापरवाही हाइपरटेंशन के बढ़ने की प्रमुख वजह है।
भारत में करीब 5.5 करोड़ लोग हाइपरटेंशन के मरीज हैं। शहरी इलाकों में 25-30 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्रों में 10-15 फीसदी लोग इस रोग के शिकार हैं। शारीरिक व्यायाम, योग, आराम की बेहतर तकनीक और मानसिक और मनोवैज्ञानिक दबाव से मुक्त होने के तरीके अपनाकर इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एआईआईएमएस) के हृदयरोग विशेषज्ञ डाक्टर श्रीकांत रेड्डी के अनुसार रक्तचाप नियंत्रित रखने के लिए पोषणयुक्त आहार लेने के साथ खुश रहने के तरीके अपनाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि हाइपरटेंशन के लक्षण शुरुआती दौर में नहीं दिखाई पड़ते हैं। इसके लक्षण प्रकट होने तक किडनी, आंख, दिल और धमनियां प्रभावित हो चुकी होती हैं। हाइपरटेंशन को नियंत्रित करने के लिए डाक्टर आमतौर पर खान-पान के तौर-तरीकों में सुधार की सलाह देते हैं। उच्च रक्तचाप के शुरूआती दौर में दवाएं दी जाती हैं। लेकिन बिना दवा के इसका इलाज करना ज्यादा अच्छा है। इसके लिए शरीर में हारमोंस के स्तर को नियंत्रित करने के साथ प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने वाले ह्यूमर थिरैपी का सहारा लिया जाना चाहिए।

 

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