• श्रद्धा और भक्ति
    श्रद्धा और भक्तिआर श्रीवास्तवश्रद्धा और भक्ति में बड़ा मामूली अंतर है। कभी-कभी तो यह लगता है कि दोनों आपस में दूध-पानी की तरह इस प्रकार घुल गए हैं कि उन्हें अलग से पह...
  • आध्यात्मिक रहस्य
    आध्यात्मिक रहस्यराजन सिंहमनुष्य जैसे- जैसे ध्यान के पथ पर आगे बढ़ते हैं उनकी संवेदनाएं सूक्ष्म हो जाती है। इस संवेदनात्मक सूक्ष्मता के साथ ही उनमें संवेगात्मक स्थिरता...
  • भगवान भोलेनाथ के दो नहीं, 6 पुत्र थे
    भगवान भोलेनाथ के दो नहीं, 6 पुत्र थेशिवपुराण में उल्लेखित है कि भगवान शिव की अर्धांगिनी माता सती थीं, लेकिन जब माता सती का शरीर पंचतत्वों में विलीन हो गया तब माता सती ने ही राजा हिमालय औ...
  • भगवान भोलेनाथ के दो नहीं, 6 पुत्र थे
    भगवान भोलेनाथ के दो नहीं, 6 पुत्र थेशिवपुराण में उल्लेखित है कि भगवान शिव की अर्धांगिनी माता सती थीं, लेकिन जब माता सती का शरीर पंचतत्वों में विलीन हो गया तब माता सती ने ही राजा हिमालय औ...
  • शिव का अर्थ है श्रेष्ठ या उदार : श्री श्री रविशंकर
    शिव का अर्थ है श्रेष्ठ या उदार : श्री श्री रविशंकरसंवाददातारांची : श्री श्री रविशंकर जी के अनुसार शिव का अर्थ सबसे शुद्धतम संत । शिव का अर्थ श्रेष्ठ या उदार होता है। रात्रि का अर्थ वह जो आपको अपनी गोद...
  • मनुष्य अपने ही वातावरण का शिकार बनता: श्री श्री रविशंकर
    मनुष्य अपने ही वातावरण का शिकार बनता: श्री श्री रविशंकररांची : श्री श्री रविशंकर जी का कहना है कि जब भी तुम उदास हो जान लो कि तुम अपने आसपास उदासी के परमाणु उत्पन्न कर रहे हो। तुम्हारे ईद-गिर्द मंडरा रहे य...
  • धर्म  क्या  है?
    धर्म क्या है?भारतीय संस्कृति विश्व की सबसे पुरानी और सबसे समृद्ध संस्कृति मानी जाती है। यहां धर्म का अर्थ अन्य देशों की तरह रिलीजन या सम्प्रदाय परक नहीं रहा है। उस...
  • अतीत और भविष्य के बीच डोलता है मन: श्री श्री रविशंकर
    अतीत और भविष्य के बीच डोलता है मन: श्री श्री रविशंकररांची : परम पूज्य श्री श्री रविशंकर का कहना है कि क्या तुमने ध्यान दिया है कि प्रत्येक क्षण तुम्हारे मन में क्या चल रहा होता है। मन इसी उधेड़बुन में र...
  • हिंदू संस्कृति अनूठी क्यों है?
    हिंदू संस्कृति अनूठी क्यों है?साधगुरुहिंदू संस्कृति की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह अपने लोगों को अपने हिसाब से पूजने की आजादी देती है। दूसरी तमाम संस्कृतियों ने वहां के लोगों को ऐसी...
  • गृहस्थ सुखमय बनाने का बसंत
    गृहस्थ सुखमय बनाने का बसंतनरेन्द्र देवांगनबसंत पर्व का आरंभ बसंत पंचमी 31 जनवरी से हो रहा है। इसी दिन श्री अर्थात् विद्या की अधिष्ठात्राी देवी महासरस्वती का जन्म दिन मनाया जाता...
  • मौनी अमावस्या पर बनेगा अमृत योग
    मौनी अमावस्या पर बनेगा अमृत योगभोपाल (हि.स.)। आगामी 27 जनवरी को स्नान, दान और पुण्य की मौनी अमावस्या अमृत योग लेकर आ रही है। खास संयोग में आने से इसका महत्व और बढ़ गया है। मौनी अमाव...
  • अपनी प्रसन्नता को मत टालो : श्रीश्री रविशंकर
    अपनी प्रसन्नता को मत टालो : श्रीश्री रविशंकररांची :- श्री श्री रविशंकर जी का कहना है कि प्रत्येक जीवित प्राणी सुखी रहना चाहता है। चाहे वह धन, शक्ति या इन्द्रीय सुख हो, तुम इसमें सुख के लिए लिप्त...
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