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एक माह में मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज करेंगे बिजलीकर्मी, भूख हड़ताल की चेतावनी


पलामू: झारखंड विद्युत कर्मी संघ ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की लंबित समस्याओं को लेकर बिजली विभाग प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संघ ने कहा है कि यदि एक माह के भीतर कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो उग्र आंदोलन, अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुधांशु पाण्डेय ने बताया कि इससे पहले भी अप्रैल माह में मांगों को लेकर पत्र सौंपा गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग कर्मियों को वर्षों से कई बुनियादी अधिकारों और सुविधाओं से वंचित रखा गया है।
संघ के अनुसार वर्ष 2017 से लंबित एरियर भुगतान, राष्ट्रीय पर्वों एवं पूजा अवकाश का बकाया भुगतान अब तक नहीं किया गया है। वहीं कई पावर सब-स्टेशनों में पीने के पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, जिससे ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कंट्रोल रूम में खराब वायरिंग, पंखा और प्रकाश व्यवस्था को भी दुरुस्त करने की मांग उठाई गई है।
इसके अलावा कार्य के दौरान हादसे का शिकार हुए कर्मचारियों के परिवारों को मुआवजा, अनुकंपा के आधार पर नौकरी और पेंशन सुविधा देने की मांग की गई है। संघ ने यह भी आरोप लगाया कि बिना स्पष्ट कारण कर्मचारियों को नौकरी से हटाया जा रहा है और वेतन भुगतान में भारी अनियमितता बरती जा रही है।
संघ का कहना है कि कई मामलों में कर्मचारियों से पूरे महीने काम लेने के बावजूद कम दिनों की उपस्थिति दर्ज कर भुगतान किया जा रहा है। इसे आर्थिक शोषण बताते हुए सभी कार्यरत कर्मियों की सूची सार्वजनिक करने, नियमित सैलरी स्लिप, पहचान पत्र, ईएसआई और ईपीएफ संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने की मांग रखी गई है।
संघ ने कहा कि मांग पत्र की प्रतियां मुख्यमंत्री, श्रम अधीक्षक एवं पलामू उपायुक्त को भी भेजी गई हैं, ताकि मामले में आवश्यक हस्तक्षेप कर कर्मचारियों को राहत दिलाई जा सके।