युवा समाजसेवी व झारखंड अगेंस्ट करप्शन के केंद्रीय संगठन मंत्री निपु सिंह ने बिरसा मुंडा के 126 वीं शहादत दिवस पर उनके प्रतिमा स्थल पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी और नमन किया | श्री सिंह ने कहा की आदिवासियों को जागरूक करने वाले सबसे बड़े नेता बिरसा मुंडा ही थे और उन्होंने आदिवासियों को एकजुट कर अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह किया था और सिंह ने कहा कि भारत सरकार ने 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की भी घोषणा की है और झारखंड बिहार से अलग उन्हीं का जन्म के दिन 15 नवंबर को ही हुआ है और कहां की बिरसा मुंडा बहुत ही कलेजे के मजबूत इंसान थे उन्होंने लड़ाई में कभी पीछे नहीं हटे वह आदिवासीयों को एकजुट करने में सफल रहे और अंग्रेजों को भागाने में बहुत बड़ा योगदान दिए उनको लोग धरती आबा भी कहते हैं उन्होंने एक नारा दिया था एबुआ राज एते जाना, महारानी राज टुंडु जाना और उनको 3 फरवरी सन 1900 ई को चक्रधरपुर से अंग्रेजों ने गिरफ्तार कर लिया और 9 जून सन 1900 ई को 25 साल की उम्र में रांची जेल में उनकी मृत्यु हो गई मृत्यु का कारण हैजा बीमारी बताया गया मृत्यु के बाद उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार कोकर रांची क्षेत्र के निकट किया गया वहां उनका समाधि स्थल भी है इस श्रद्धांजलि के मौके पर समाजसेवी मंजय दुबे, लेखक सह राष्ट्रीय सुरक्षा पार्टी के महासचिव मिथिलेश कुमार पांडे ने भी श्रद्धांजलि दी और नमन किया ।






