रांची:
झारखंड विधानसभा का शनिवार को 25वां स्थापना दिवस मनाया जा रहा है. इस
अवसर पर विधानसभा परिसर में स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया. समारोह
में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, स्पीकर रबीन्द्रनाथ महतो, मुख्यमंत्री
हेमंत सोरेन, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, हेमंत सरकार के सभी मंत्री,
विधायक, सांसद तथा पूर्व विधायक-पूर्व सांसद शामिल हुए. इस
दौरान समारोह को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य
की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि झारखंड
जैसे राज्य का विकास तभी संभव है, जब यहां की स्वास्थ्य व्यवस्था में
व्यापक सुधार हो. नेता प्रतिपक्ष ने स्पष्ट कहा कि झारखंड का विकास तभी आगे
बढ़ सकता है, जब लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण
शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके. कानून-व्यवस्था में सुधार जरूरी: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल
मरांडी ने कहा कि हम तभी विकसित राज्य बन सकते हैं, जब स्वास्थ्य और
शिक्षा के साथ-साथ कानून-व्यवस्था भी मजबूत हो. यह हम सबकी साझा जिम्मेदारी
है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कानून-व्यवस्था ठीक नहीं रही, तो लोग भय
के साए में जीएंगे और कोई भी व्यापारी राज्य में पूंजी निवेश करने से
हिचकिचाएगा. झारखंड स्थापना दिवस के ही दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के उस
बयान का जिक्र करते हुए, जिसमें उन्होंने वर्ष 2050 तक विकसित झारखंड का
लक्ष्य रखा है, नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह लक्ष्य तभी हासिल होगा, जब
राज्य में कानून-व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त किया जाए. इसके लिए सरकार को
जीरो टॉलरेंस नीति अपनानी होगी और किसी भी प्रकार का भेदभाव या पक्षपात
बिल्कुल नहीं होना चाहिए. विकसित झारखंड के लिए जनता का सहयोग जरूरी: बाबूलाल मरांडी नेता
प्रतिपक्ष ने कहा कि विकसित झारखंड बनाने के लिए बुनियादी सुविधाओं पर
विशेष ध्यान देना होगा. सरकार के साथ-साथ जनता का सक्रिय सहयोग भी उतना ही
आवश्यक है. यदि सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और सड़क जैसी मूलभूत
सुविधाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा कर ले, तो 2050 से बहुत पहले ही झारखंड
विकसित राज्य बन सकता है. उन्होंने विश्वास जताया कि झारखंड में वह सारी
क्षमता मौजूद है, जिससे इस लक्ष्य को आसानी से हासिल किया जा सकता है.
झारखंड विधानसभा स्थापना दिवस: बाबूलाल मरांडी का सरकार पर प्रहार, कहा- कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य और शिक्षा के बिना विकसित झारखंड सिर्फ सपना
