उपमुख्यमंत्री ने फिल्म को भारतीय आत्मा, संस्कृति और परम्परा का जीवंत महाकाव्य बताया
पटना, बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में गोदान फिल्म का पोस्टर गुरुवार को जारी किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह फिल्म भारतीय आत्मा, संस्कृति, प्रज्ञा और परम्परा का जीवंत महाकाव्य है, जो सादगी और गरिमा के साथ छद्म आधुनिकता की राख में भी उम्मीद की चिंगारियां जिंदा रखती है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि फिल्म की कहानी भारतीय संस्कृति, मूल्य और परम्पराओं में पले-बढ़े एक युवा वैज्ञानिक की है,जो विदेश जाकर वैश्विक स्तर पर यह सिद्ध करना चाहता है कि पंचगव्य अर्थात दूध, दही, घी, गोमय और गोमूत्र अनेक रोगों में लाभकारी हैं। फिल्म में आयुर्वेद के महर्षि चरक और फादर ऑफ सर्जरी आचार्य सुश्रुत के बारे में जानकारी दी गई है जो आज की युवा पीढ़ी को हमारे गौरवशाली इतिहास से रूबरू कराएगी।
फिल्म के माध्यम से समाज को जागरूक करने और उसके मूल उद्देश्यों की सराहना करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार साहित्य समाज का दर्पण होता है, उसी तरह सिनेमा भी अपने समय के यथार्थ का आईना होता है। समग्र रूप से यह फिल्म सनातन संस्कृति के अनुयायियों की अपने धर्म के प्रति सुषुप्तावस्था, निर्लिप्तता, अज्ञानता और उदासीनता को उजागर करती है।
उन्होंने कहा कि फिल्म का संगीत कभी मौन की तरह मस्तिष्क में बजता है तो कभी मौन संगीत की तरह आत्मा को स्पर्श करता है और करीब दो घंटे की अवधि में गौ माता के विराट सांस्कृतिक विस्तार को समेटने का जो प्रयास किया गया है, वह सराहनीय और सफल है। उन्होंने फिल्म के निर्माता विनोद कुमार चौधरी और डा. पारूल चौधरी, सह-निर्माता चेतन गोस्वामी तथा निर्देशक अमित प्रजापति और विनोद कुमार चौधरी के काम की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह भारतीय सांस्कृतिक चेतना को सशक्त करने वाली महत्वपूर्ण कृति है।
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में गोदान फिल्म का पोस्टर जारी किया






