8 अप्रैल 2026 का पंचांग और राशिफल जारी
8 अप्रैल 2026, बुधवार का पंचांग और राशिफल जारी, जिसमें शुभ मुहूर्त, ग्रह स्थिति और सभी राशियों का दैनिक भविष्यफल शामिल है।
8 अप्रैल 2026, बुधवार का पंचांग और राशिफल जारी, जिसमें शुभ मुहूर्त, ग्रह स्थिति और सभी राशियों का दैनिक भविष्यफल शामिल है।
मंगलवार, 07 अप्रैल 2026 के पंचांग में वैशाख कृष्ण पक्ष पंचमी तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र और महत्वपूर्ण शुभ मुहूर्तों के साथ राशिफल जारी किया गया।
आज मंगलवार, 31 मार्च 2026 का पंचांग जारी किया गया है, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रमा की स्थिति, नक्षत्र, योग, करण और शुभ-अशुभ मुहूर्तों की विस्तृत जानकारी दी गई है। आज चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है, जो सुबह 06:55 बजे तक रहेगी, इसके बाद चतुर्दशी आरंभ होगी।
30 मार्च 2026, सोमवार के लिए पंचांग और राशिफल जारी किया गया है, जिसमें शुभ मुहूर्त, तिथि, नक्षत्र और सभी राशियों का भविष्यफल बताया गया है।
गुरुवार, 26 मार्च 2026 का पंचांग जारी हुआ है। आज चैत्र शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है, जो 11:48 बजे तक रहेगी, इसके बाद नवमी प्रारंभ होगी। दुर्गाष्टमी, महाष्टमी और रामनवमी जैसे महत्वपूर्ण पर्वों के कारण दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बुधवार, 25 मार्च 2026 के लिए पंचांग और राशिफल जारी किया गया है। आज चैत्र शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है, जो दोपहर बाद अष्टमी में परिवर्तित होगी। मृगशिरा नक्षत्र और सौभाग्य योग के साथ दिन शुभ माना गया है। कई राशियों के लिए यह दिन प्रगति और लाभ के संकेत दे रहा है, जबकि कुछ को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मंगलवार, 24 मार्च 2026 के लिए पंचांग और राशिफल जारी कर दिया गया है। आज चैत्र शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है, जो शाम के बाद सप्तमी में प्रवेश करेगी। रोहिणी नक्षत्र और प्रीति योग के साथ दिन शुभ माना जा रहा है। साथ ही आज विश्व क्षय रोग दिवस और यमुना छठ जैसे विशेष अवसर भी हैं। कई राशियों के लिए यह दिन प्रगति और लाभ के संकेत दे रहा है।
सोमवार, 23 मार्च 2026 के लिए पंचांग और राशिफल जारी कर दिया गया है। आज चैत्र शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है और कृतिका नक्षत्र रहेगा। दिन में कई शुभ योग बन रहे हैं, जबकि राहुकाल सुबह रहेगा। राशिफल के अनुसार कई राशियों के लिए दिन अवसर और सावधानी दोनों लेकर आया है।
22 मार्च 2026, रविवार के लिए पंचांग और राशिफल जारी कर दिया गया है। इस दिन चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है और भरणी नक्षत्र रहेगा। दिन में कई शुभ मुहूर्त जैसे अभिजित मुहूर्त और अमृत काल बन रहे हैं, जबकि राहुकाल शाम में रहेगा। सभी राशियों के लिए दिन मिलाजुला प्रभाव देने वाला बताया गया है।
शुक्रवार, 20 मार्च 2026 को चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है, जो आगे चलकर तृतीया में परिवर्तित होगी। इस दिन बसंत सम्पात और संत झूलेलाल जयंती जैसे विशेष पर्व मनाए जाएंगे। सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग जैसे शुभ संयोग पूरे दिन बने रहेंगे, जिससे धार्मिक और मांगलिक कार्यों के लिए दिन अत्यंत शुभ माना जा रहा है। राहुकाल 11:04 से 12:34 तक रहेगा, इसलिए इस समय में शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी गई है। सभी राशियों के लिए दिन सामान्य से शुभ फल देने वाला रहेगा, जिसमें कई राशियों को लाभ और उन्नति के संकेत मिल रहे हैं।
19 मार्च 2026, गुरुवार के दिन चैत्र मास की अमावस्या तिथि है, जो आगे चलकर प्रतिपदा और द्वितीया में परिवर्तित होगी। इस दिन चैत्र नवरात्रि का आरंभ, घट स्थापना, गुड़ी पड़वा और विक्रम संवत 2083 (रौद्र) का शुभारंभ माना जा रहा है। सूर्य और चंद्रमा मीन राशि में स्थित हैं, जिससे आध्यात्मिक और धार्मिक कार्यों के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है। शुभ मुहूर्त जैसे अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:01 से 12:49 तक रहेगा। राहुकाल दोपहर 1:55 से 3:26 तक रहेगा, जिसमें शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। सभी राशियों के लिए दिन मिश्रित फल देने वाला रहेगा, जिसमें कुछ राशियों को लाभ और कुछ को सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
बुधवार 18 मार्च 2026 का पंचांग और राशिफल जारी किया गया है। आज चैत्र कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि सुबह 08:25 बजे तक रहेगी, इसके बाद अमावस्या प्रारंभ होगी। पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र का प्रभाव रहेगा और देर रात उत्तराभाद्रपद नक्षत्र आरंभ होगा। आज शुभ योग बन रहा है, जो रात्रि तक प्रभावी रहेगा। धार्मिक दृष्टि से आज चैत्र अमावस्या का विशेष महत्व है, पितृ कार्यों के लिए यह दिन अत्यंत शुभ माना गया है। ज्योतिष के अनुसार आज कई राशियों के लिए आर्थिक और पारिवारिक मामलों में उतार-चढ़ाव के संकेत हैं।
मंगलवार 17 मार्च 2026 का पंचांग और राशिफल जारी किया गया है। आज चैत्र कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि प्रातः 09:23 बजे तक रहेगी, इसके बाद चतुर्दशी तिथि प्रारंभ होगी। शतभिषा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा और देर रात पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र आरंभ होगा। आज सिद्ध योग सुबह 08:15 बजे तक रहेगा, इसके बाद साध्य योग बनेगा। धार्मिक दृष्टि से आज मासिक शिवरात्रि का विशेष महत्व है। ज्योतिषीय दृष्टि से कुछ राशियों को आज लाभ के अवसर मिल सकते हैं, जबकि कुछ को निर्णय लेने में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
सोमवार 16 मार्च 2026 का पंचांग और राशिफल जारी किया गया है। आज चैत्र कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि प्रातः 09:16 बजे तक रहेगी, इसके बाद त्रयोदशी तिथि प्रारंभ होगी। धनिष्ठा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा और देर रात शतभिषा नक्षत्र शुरू होगा। आज शिव योग बन रहा है, जो सुबह 09:37 बजे तक रहेगा, इसके बाद सिद्ध योग बनेगा। धार्मिक दृष्टि से आज पापमोचिनी एकादशी का पारण और सोम प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। ज्योतिष के अनुसार कई राशियों के लिए आज का दिन शुभ समाचार और नए अवसर लेकर आ सकता है, वहीं कुछ राशियों को आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
15 मार्च 2026, रविवार के दिन का पंचांग और राशिफल जारी हुआ है। आज चैत्र कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है, जिसे पापमोचिनी एकादशी के रूप में भी मनाया जाता है। श्रवण नक्षत्र का प्रभाव रहेगा और बाद में धनिष्ठा नक्षत्र प्रारंभ होगा। अभिजित मुहूर्त 12:12 से 13:00 तक रहेगा, जबकि राहुकाल 17:06 से 18:36 तक रहेगा। धार्मिक दृष्टि से आज का दिन अत्यंत शुभ माना गया है, क्योंकि सौर चैत्र मास और खरमास का भी प्रारंभ हो रहा है। कई राशियों के लिए आज का दिन नए अवसर और सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है, वहीं कुछ लोगों को धैर्य और सावधानी के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी गई है।
14 मार्च 2026 के लव राशिफल के अनुसार आज का दिन कई राशियों के लिए रिश्तों में समझ और संवाद बढ़ाने का संकेत दे रहा है। कुछ राशियों को अपने साथी के साथ भावनात्मक जुड़ाव मजबूत करने का अवसर मिल सकता है, जबकि कुछ को गलतफहमियों से बचने के लिए धैर्य और संयम रखने की सलाह दी गई है। ग्रहों की स्थिति के कारण कुछ लोगों को पुराने रिश्तों में सुधार का मौका मिल सकता है, वहीं अविवाहित लोगों के लिए नए प्रेम संबंध बनने के संकेत भी मिल रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार आज रिश्तों में ईमानदारी, संवाद और धैर्य बनाए रखना सबसे अधिक महत्वपूर्ण रहेगा।
13 मार्च 2026, शुक्रवार के दिन का पंचांग और राशिफल जारी हुआ है। आज चैत्र कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जो आगे चलकर उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश करेगा। दिन में अभिजित मुहूर्त 12:13 से 13:00 तक रहेगा, जबकि राहुकाल 11:07 से 12:36 तक रहेगा। कई राशियों के लिए आज का दिन प्रगति और नए अवसरों का संकेत दे रहा है, वहीं कुछ लोगों को वाणी और व्यवहार में संयम रखने की सलाह दी गई है। विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों के लिए आज का दिन मेहनत और धैर्य से अच्छे परिणाम देने वाला हो सकता है। यात्रा के लिए पूर्व दिशा शुभ मानी गई है और यात्रा से पहले जौ का सेवन करना मंगलकारी बताया गया है।
चंद्रग्रहण को देखते हुए मंगलवार को मां विंध्यवासिनी मंदिर के कपाट निर्धारित अवधि तक बंद रहेंगे। ग्रहण समाप्ति के बाद विधि-विधान से पूजन-अर्चन और आरती के उपरांत श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन की अनुमति दी जाएगी।
भगवान श्रीराम की तपोस्थली चित्रकूट के सीतापुर में आज 53वें राष्ट्रीय रामायण मेला महोत्सव का आगाज होने जा रहा है। प्रखर समाजवादी चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया परिकल्पित यह मेला (15-19 फरवरी) देश का बहुमान्य सांस्कृतिक समारोह है।
शिव उपासना के महापर्व महाशिवरात्रि पर आज सारे देश के मंदिरों खासतौर पर शिवालयों, मां गंगा- यमुना और अन्य पावन नदियों, सरोवरों के तटों पर ब्रह्म मुहूर्त लगते ही हर-हर गंगे और ॐ नमः शिवाय की गूंज होने लगी। वाराणसी और उज्जैन के साथ भगवान राम की नगरी शिवमय हो गई है।
शोभायात्रा की विशेषता रही 52 थालों में सजा चढ़ावा। इन थालों में हल्दी, चंदन, फल, मेवा और मांगलिक सामग्री सजाई गई थी। श्रद्धालुओं ने इन्हें सिर पर धारण कर बाबा के विवाहोत्सव में अपनी सहभागिता निभाई। बाबा के ससुराल माने जाने वाले सारंगनाथ मंदिर से पगड़ी बांधे ससुरालीजन हल्दी लेकर पहुंचे। यह दृश्य किसी पारंपरिक विवाह से कम नहीं था। महंत लिंगिया महाराज के नेतृत्व में ससुराली परंपरा निभाई गई।
महाशिवरात्रि को लेकर शहर में आध्यात्मिक माहौल बनना शुरू हो गया है। इस पर्व को देशभर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है, खासकर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन होता है।
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मुंबई स्थित श्री सिद्धिविनायक मंदिर की ओर से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में विशेष भेंट अर्पित की गई। ‘पुत्र’ सिद्धिविनायक धाम से ‘पिता’ श्री काशी विश्वनाथ के दरबार में फल, पुष्प एवं पूजनीय सामग्री श्रद्धापूर्वक भेजी गई।
उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी (काशी)में माघ मास के प्रमुख स्नान पर्व माघ पूर्णिमा पर रविवार को लाखों श्रद्धालुओं ने पुण्य सलिला गंगा नदी में पूरे आस्था के साथ पुण्य की डुबकी लगाई।
गुरुवार को जया एकादशी है, जो भगवान विष्णु की आराधना और मोक्ष प्राप्ति के लिए विशेष है। माघ शुक्ल पक्ष की यह एकादशी ब्रह्महत्या जैसे पापों से मुक्ति दिलाती है
मेष : रुका हुआ लाभ आज प्राप्त हो सकता है। पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। जोखिम से दूर रहना ही बुद्घिमानी होगी
