BREAKING NEWS

logo

जमुई में गर्मी का सितम: डीएम श्री नवीन का कड़ा रुख,बिजली-पानी और स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर अधिकारियों की लगेगी क्लास


धर्मेंद्र कुमार/रांची एक्सप्रेस 

जमुई ब्यूरो।जमुई में बढ़ते तापमान और भीषण हीटवेव(लू)के खतरे के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है।डीएम श्री नवीन(भा.प्र.से.)ने आज अपने कार्यालय में बिजली, पानी,स्वास्थ्य और विधि-व्यवस्था को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुविधाओं से जुड़ी इन बुनियादी सेवाओं में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

एम्बुलेंस में ईंधन खत्म होने से मरीज की मौत पर भड़के डीएम

बैठक के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए डीएम का रुख बेहद सख्त रहा।हाल ही में पटना ले जाते समय एम्बुलेंस में ईंधन खत्म होने के कारण हुई एक मरीज की मौत की घटना पर उन्होंने सिविल सर्जन को फटकार लगाई।डीएम ने इसे "संवेदनहीनता की पराकाष्ठा" करार देते हुए कहा कि आपातकालीन सेवाओं में मानवता सर्वोपरि होनी चाहिए।उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी और 'नजीर पेश करने वाली' कार्रवाई का आदेश दिया है।इसके अलावा,अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता,चिकित्सकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति और वार्डों में स्वच्छता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

पेयजल संकट और बिजली की कटौती पर भी कड़ा एक्शन

बैठक में पेयजल की किल्लत और गिरते भू-जल स्तर पर चिंता व्यक्त की गई।डीएम ने पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि वे जिले के उन इलाकों की मैपिंग करें जहां पानी की समस्या हो सकती है और वहां तत्काल प्रभाव से वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करें।साथ ही,बिजली विभाग को भी कड़ी चेतावनी दी गई।डीएम ने भीषण गर्मी को देखते हुए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जर्जर तारों को बदलने और खराब ट्रांसफार्मरों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक करने का आदेश दिया।उनका मानना है कि खराब बिजली व्यवस्था ही अक्सर शॉर्ट-सर्किट और आगलगी की घटनाओं का बड़ा कारण बनती है।

बाल श्रम के खिलाफ चलेगा सघन अभियान

डीएम ने श्रम अधीक्षक को जिले के विभिन्न प्रतिष्ठानों में बाल श्रम के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि बाल श्रम उन्मूलन के मामले में किसी भी प्रकार की नरमी अक्षम्य होगी और नियोजकों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों को दी गई चेतावनी
बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ते हुए निर्देश दिया कि वे स्थानीय स्तर पर समस्याओं का 'त्वरित निष्पादन' करें।डीएम ने स्पष्ट कहा कि जनता की मूलभूत समस्याओं के प्रति प्रशासन पूरी तरह गंभीर है और यदि कहीं भी लापरवाही पाई जाती है,तो उसके लिए संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।बैठक में उप विकास आयुक्त सुभाष चंद्र मंडल,अपर समाहर्ता रविकांत सिन्हा,अपर समाहर्ता(विभागीय जांच) बालमुकुंद प्रसाद सहित जिले के अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।