नगर पंचायत चुनाव में मतदाताओं ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थित प्रत्याशी रानी टूटी के सिर पर नगर पंचायत अध्यक्ष का ताज पुन: सजा दिया है। रानी टूटी ने कांग्रेस समर्थित मनोनीत बोदरा को 3879 मतों से पराजित किया। वहीं झारखंंड मुुुक्ति मोर्चा (झामुमो) समर्थित सोनम बागे तीसरे स्थान पर रहीं।
अंतिम परिणामों के अनुसार रानी टूटी को 9177 मत प्राप्त हुए हैं। उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी मनोनीत बोदरा को 5298 मत मिले। वहीं झामुमो समर्थित प्रत्याशी सोनम बागे को 2476 मतों से संतोष करना पड़ा। रानी टूटी की इस जीत को शहर के विकास कार्यों पर जनता की मुहर के रूप में देखा जा रहा है।
इससे पूर्व, शहर के कदमा स्थित कृषि बाजार समिति के गोदाम में बनाए गए मतगणना केंद्र पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुक्रवार की सुबह सात बजे से मतगणना शुरू हुई। पूरे परिसर में प्रशासनिक और पुलिस बल की तैनाती रही। शांतिपूर्ण ढंग से मतगणना संपन्न कराई गई।
उल्लेखनीय है कि खूंटी नगर पंचायत में अध्यक्ष पद के साथ-साथ 19 वार्ड पार्षदों के लिए भी मतदान हुआ था। अध्यक्ष पद के लिए रानी टूटी, मनोनीत बोदरा और सोनम बागे सहित वार्ड पार्षदों के 77 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई थी। परिणाम घोषित होते ही समर्थकों में उत्साह का माहौल दिखा और विजयी प्रत्याशी को बधाइयों का तांता लग गया।
इधर, केंद्र और राज्य की राजनीति में इंडी गठबंधन के तहत साथ चल रहे कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) को खूंटी नगर पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में अलग-अलग प्रत्याशी को समर्थन देना महंगा पड़ गया। दोनों दलों के बीच तालमेल नहीं होने का सीधा लाभ भाजपा समर्थित प्रत्याशी रानी टूटी को मिला, जिन्होंने एकतरफा मुकाबले में शानदार जीत दर्ज की।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि कांग्रेस और झामुमो संयुक्त रूप से एक उम्मीदवार पर सहमति बनाते, तो मुकाबला कड़ा हो सकता था। लेकिन दोनों दलों के अलग-अलग चुनाव मैदान में उतरने से विपक्षी मतों का बंटवारा हो गया। इसका सीधा फायदा भाजपा समर्थित उम्मीदवार को मिला।
खूंटी नगर पंचायत चुनाव : रानी टूटी ने रचा इतिहास, दूसरी बार बनीं अध्यक्ष




