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सोने की कीमतों में तेज गिरावट, स्पॉट गोल्ड 4,171 डॉलर प्रति औंस तक फिसला


नई दिल्ली। वैश्विक बाजार में सोमवार, 28 सितंबर को सोने की कीमतों पर तेज दबाव देखने को मिला। Reuters के अनुसार, शुरुआती कारोबार में स्पॉट गोल्ड करीब 2.7 प्रतिशत गिरकर 4,171.85 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। यह स्तर अगस्त की शुरुआत के बाद सोने की कीमत का सबसे निचला स्तर बताया गया। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में भी करीब 2.7 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज हुई।

महंगा तेल बना बाजार की चिंता

सोने में गिरावट के पीछे कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को एक महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है। तेल महंगा होने से परिवहन, उत्पादन और अन्य कारोबारी लागत बढ़ सकती है, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई का दबाव मजबूत होने की आशंका रहती है।

Reuters के मुताबिक, तेल की कीमतों में तेजी ने निवेशकों के बीच महंगाई को लेकर चिंता बढ़ाई है। इसी वजह से बाजार में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों को और ऊंचा रखने या बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा तेज हुई है।

ब्याज दरों की उम्मीद का सोने पर असर

सोना आमतौर पर ब्याज नहीं देता। ऐसे माहौल में जब बॉन्ड यील्ड और ब्याज दरें बढ़ती हैं, निवेशकों के लिए ब्याज देने वाली परिसंपत्तियां अपेक्षाकृत आकर्षक हो सकती हैं। इससे सोने की मांग पर दबाव आ सकता है।

Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी फेड ने इस महीने अपनी लक्ष्य ब्याज दर सीमा को 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 3.75 से 4 प्रतिशत किया था। बाजार में अक्टूबर में एक और दर बढ़ोतरी की संभावना को भी कीमतों में शामिल किया जा रहा है।

बॉन्ड यील्ड भी महत्वपूर्ण संकेत

बढ़ती अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भी सोने के लिए चुनौती बनी हुई है। Reuters की एक अन्य बाजार रिपोर्ट के अनुसार, 30-वर्षीय अमेरिकी Treasury yield सोमवार को करीब 5.52 प्रतिशत तक पहुंच गई थी, जबकि 2-वर्षीय यील्ड में भी सितंबर के दौरान उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

ऊंची यील्ड के कारण बिना ब्याज वाली संपत्तियों को रखने की अवसर लागत बढ़ सकती है। यही वजह है कि ब्याज दरों और बॉन्ड यील्ड में बदलाव का असर सोने की कीमतों पर तेजी से दिखाई देता है।

निवेशकों की नजर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर

अब बाजार की निगाह इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर है। रोजगार, महंगाई और Personal Consumption Expenditures (PCE) जैसे आंकड़े फेड की अगली ब्याज दर नीति के संकेत दे सकते हैं।

यदि महंगाई या रोजगार के आंकड़े अपेक्षा से मजबूत रहते हैं, तो बाजार में ऊंची ब्याज दरों की संभावना बढ़ सकती है और इससे सोने पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

दूसरे कीमती धातुओं पर भी दबाव

सोने के साथ अन्य कीमती धातुओं में भी कमजोरी दर्ज हुई। Reuters के अनुसार, स्पॉट सिल्वर करीब 4.3 प्रतिशत, प्लैटिनम लगभग 2.8 प्रतिशत और पैलेडियम करीब 3.1 प्रतिशत नीचे आया। इससे संकेत मिलता है कि दबाव केवल सोने तक सीमित नहीं रहा।

आगे क्या रहेगा बाजार का फोकस?

आने वाले दिनों में सोने की दिशा मुख्य रूप से अमेरिकी ब्याज दरों की उम्मीद, Treasury yields, कच्चे तेल की कीमत, डॉलर की मजबूती और अमेरिका के महंगाई एवं रोजगार आंकड़ों से प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा West Asia से जुड़ी घटनाएं भी तेल और वैश्विक बाजारों के सेंटीमेंट को प्रभावित कर सकती हैं।

निष्कर्ष

सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 2.7 प्रतिशत गिरकर करीब 4,171.85 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। महंगे कच्चे तेल से बढ़ती महंगाई की चिंता और अमेरिकी ब्याज दरों के ऊंचे रहने की उम्मीद ने सोने पर दबाव बढ़ाया। आगे निवेशकों की नजर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और फेड की मौद्रिक नीति के संकेतों पर रहेगी।