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भू-माफियाओं पर सख़्त हुए देवघर डीसी, जनता दरबार में सुनी 100 से अधिक शिकायतें


अमित कुमार,
रांची एक्सप्रेस ब्यूरो 

देवघर : आम लोगों की समस्याओं को सीधे सुनने और उसका त्वरित समाधान करने के उद्देश्य से उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानियां की अध्यक्षता में शुक्रवार को देवघर समाहरणालय स्थित कार्यालय में जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस जनता दरबार में जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे।

जनता दरबार में मुख्य रूप से भू-अर्जन, जमीन मुआवजा भुगतान, झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना, वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड में नाम जोड़ने-हटाने, दाखिल-खारिज और लगान रसीद से जुड़े मामलों को लोगों ने उपायुक्त के समक्ष रखा। उपायुक्त ने सभी शिकायतकर्ताओं की बातों को गंभीरता से सुना और एक-एक कर उनकी समस्याओं को नोट किया। उन्होंने उपस्थित लोगों को आश्वस्त किया कि संज्ञान में आए सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराकर जल्द से जल्द समाधान किया जाएगा। जनता दरबार के दौरान ही कई मामलों जैसे राशन कार्ड, मंईयां सम्मान योजना और पेंशन से जुड़े आवेदनों का ऑन द स्पॉट निष्पादन संबंधित विभागों द्वारा किया गया।

तीन बड़े मामलों पर उपायुक्त ने तुरंत कार्रवाई का निर्देश दिया। पहला मामला पालोजोरी प्रखंड का है। ग्राम-बागदाहा मोहली टोला के ग्रामीणों ने आवेदन देकर आंगनबाड़ी केंद्र में सेविका चयन प्रक्रिया में अनियमितता और धांधली का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना था कि योग्य उम्मीदवार को दरकिनार कर दिया गया है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने उप विकास आयुक्त को पूरे चयन प्रक्रिया की जांच करने का निर्देश दिया।

दूसरा मामला सारठ अंचल के केन्दुआटांड़ ग्राम से जुड़ा है। यहां के ग्रामीणों ने शिकायत की कि स्थानीय भू-माफियाओं द्वारा सरकारी वन भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। इस शिकायत पर उपायुक्त ने नाराजगी जताते हुए वन प्रमंडल पदाधिकारी को तत्काल स्थल जांच कर अतिक्रमण हटाने और दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

तीसरा निर्देश राजस्व विभाग को लेकर है। उपायुक्त ने सभी अंचलाधिकारियों को सख़्त निर्देश दिया कि लगान रसीद काटने, दाखिल-खारिज और भूमि सुधार से जुड़े लंबित मामलों को बेवजह लटकाया न जाए। आम जनता की सहूलियत को देखते हुए इनका ससमय और पारदर्शी तरीके से निष्पादन किया जाए। अंत में उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त सभी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई कर एक सप्ताह के भीतर अनुपालन प्रतिवेदन उपायुक्त कार्यालय में जमा करें।