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करौं-सारठ सीमा की सड़क बनी परेशानी का सबब, कीचड़-पानी से जूझ रहे दर्जनों गांव के लोग


रांची एक्सप्रेस संवाददाता 

करौं (देवघर) : करौं-सारठ प्रखंड की सीमा को जोड़ने वाली मुख्य सड़क की जर्जर हालत से दर्जनों गांव के ग्रामीण परेशान हैं। सड़क पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो चुकी है। जगह-जगह गहरे गड्ढे, कीचड़ और जलजमाव से लोगों का आवागमन दूभर हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि विधायक स्तर से भी सड़क निर्माण को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है।

यह सड़क देवघर जिले के करौं प्रखंड के केसरिया गांव सहित बेलमो, आसपास के दर्जनों गांवों को सारठ प्रखंड होते हुए जामताड़ा जिले से जोड़ती है। ग्रामीणों के अनुसार आजादी के इतने वर्ष बीत जाने के बाद भी इस महत्वपूर्ण संपर्क सड़क का पक्कीकरण नहीं हो सका है। पूर्व मंत्री रणधीर सिंह के कार्यकाल में भी सड़क निर्माण की मांग अनसुनी रही।

ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। सड़क पर घुटने भर कीचड़ और पानी जमा हो जाता है। स्कूली बच्चों, मरीजों और किसानों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है। कई बार एंबुलेंस और छोटे वाहन फंस जाते हैं।

मामले को लेकर जब सारठ विधायक उदय शंकर सिंह उर्फ चुन्ना सिंह से दूरभाष पर संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि सड़क को लेकर प्रक्रिया चल रही है और एक महीने के भीतर निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा, ताकि करौं और सारठ प्रखंड बेहतर तरीके से जुड़ सकें। गौरतलब है कि विधायक ने 02 वर्ष पूर्व भी इस सड़क के निर्माण की घोषणा की थी, लेकिन अब तक धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ है।

सड़क निर्माण में हो रही देरी को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। बेलमो गांव के संजय सिंह, अरविंद सिंह, विवेक सिंह, बसंत सिंह, राजेंद्र हेंब्रम, परेश हेंब्रम, पूरण हेंब्रम, मिथिलेश यादव, रंजीत यादव, चंद हेंब्रम और रोहित सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो वे आगामी चुनाव का बहिष्कार करने को बाध्य होंगे।