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कांग्रेस राज्य सचिव बिट्टू पाठक का बड़ा बयान: सत्ता परिवर्तन कांग्रेस नहीं, देश की जनता चाहती है


​संविधान के अनुच्छेद 19 का हवाला देते हुए जंतर-मंतर की कार्रवाई पर उठाए सवाल
 ​कहा- शांतिपूर्ण प्रदर्शन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नागरिकों का मौलिक और संवैधानिक अधिकार 


पलामू :​मेदिनीनगर देशभर में चल रही 'रिजीम चेंज' (सत्ता परिवर्तन) की बहस के बीच कांग्रेस पार्टी ने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस के राज्य सचिव सह पूर्व जिला अध्यक्ष जैश रंजन पाठक उर्फ बिट्टू पाठक ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला बोला है। एक प्रेस बयान जारी करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में सत्ता परिवर्तन कोई पार्टी नहीं, बल्कि त्रस्त जनता खुद चाहती है और अब इस सरकार के जाने का समय आ गया है।
​'शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतंत्र का अनिवार्य हिस्सा'
​हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई पुलिसिया कार्रवाई पर गहरी चिंता जताते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।
 *​“जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित अधिकृत स्थलों में से एक है। यदि आम नागरिक बिना किसी हथियार के शांतिपूर्वक खड़े होकर सिर्फ अपने नारे दर्ज कराते हैं, तो प्रशासन या सरकार को इस पर आपत्ति क्यों होनी चाहिए?” — जैश रंजन पाठक, राज्य सचिव, कांग्रेस* 
​संविधान के अनुच्छेद 19 का हवाला देते हुए उन्होंने याद दिलाया कि देश का संविधान प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण ढंग से सभा करने की पूरी आजादी देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार यह कतई नहीं चाहती कि लोग सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंचों के माध्यम से जनहित के मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करें।
​भाजपा के पुराने बयानों पर कसा तंज
​केंद्र सरकार के रुख पर सवाल उठाते हुए श्री पाठक ने कहा कि यह सरकार हमेशा अतीत और भविष्य की गैर-जरूरी बातों में उलझी रहती है, जबकि देश के लोकतंत्र, बेरोजगारी, महंगाई और संविधान से जुड़े मूल सवालों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए।
​भाजपा के पुराने तेवर की याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2012-13 के दौर में जब देश में आंदोलन हो रहे थे, तब भाजपा को वे सारे आंदोलन बहुत अच्छे लगते थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद वर्ष 2013 में 'रिजीम चेंज' की वकालत की थी और उस समय भाजपा इस विचार के पूरी तरह समर्थन में खड़ी थी।
​'लोकतांत्रिक प्रक्रिया से ही होगा बदलाव'
​अपने तीखे तेवर जारी रखते हुए बिट्टू पाठक ने जोर देकर कहा, “हम रिजीम चेंज करके रहेंगे, यह हम गर्व से कहते हैं। हम देश में बदलाव लाकर रहेंगे।”
​उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष का अंतिम उद्देश्य चुनाव और जनता के मताधिकार के माध्यम से जनविरोधी सरकारों को बदलना ही होता है। लोकतंत्र में यह जनता का सर्वोपरि अधिकार है कि वह अपने वोट की ताकत से सरकार के कामकाज पर अपना अंतिम फैसला सुनाए। अब देश की जनता बदलाव का मन बना चुकी है और यह सरकार ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है।