रांची। झारखंड के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थानों में शामिल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में सराहनीय पहल की गई है। यहां चार मरीजों का बिना किसी शुल्क के कॉर्निया प्रत्यारोपण किया गया। इस उपचार से लंबे समय से आंखों की रोशनी संबंधी परेशानी झेल रहे मरीजों को बेहतर जीवन की नई उम्मीद मिली है। कॉर्निया प्रत्यारोपण उन मरीजों के लिए महत्वपूर्ण उपचार विकल्प है, जिनकी आंखों का पारदर्शी बाहरी हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के कारण देखने की क्षमता प्रभावित हो जाती है। ऐसे मामलों में उपयुक्त डोनर कॉर्निया की मदद से सर्जरी कर दृष्टि में सुधार की संभावना पैदा की जाती है। रिम्स में नि:शुल्क प्रत्यारोपण की यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए विशेष महत्व रखती है। निजी अस्पतालों में इस तरह के उपचार का खर्च कई जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। सरकारी संस्थान में बिना शुल्क सर्जरी की सुविधा मिलने से मरीजों को आर्थिक राहत भी मिलती है। रिम्स में इस तरह के उपचार के माध्यम से गंभीर नेत्र समस्याओं से जूझ रहे मरीजों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। कॉर्निया प्रत्यारोपण की सुविधा सरकारी अस्पताल में उपलब्ध होना राज्य के मरीजों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। चार मरीजों की सर्जरी से उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में और भी जरूरतमंद लोगों को इस सुविधा का लाभ मिल सकेगा। हालांकि, प्रत्यारोपण के बाद दृष्टि में कितना सुधार होगा, यह मरीजों की स्थिति और चिकित्सकीय जांच पर निर्भर करेगा।जरूरतमंद मरीजों को मुफ्त उपचार की सुविधा
नेत्र चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने की पहल
रिम्स में चार मरीजों का मुफ्त कॉर्निया ट्रांसप्लांट, अंधेरे से उजाले की ओर लौटने की जगी उम्मीद


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