नई दिल्ली/सोलन: हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ पुलिस स्टेशन परिसर में हुए IED विस्फोट मामले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एजेंसी के मुताबिक गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान हरमन हैरी और जसन सैनी के रूप में हुई है। इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में NIA द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। जांच एजेंसी के अनुसार, यह घटना 1 जनवरी 2026 की सुबह करीब 9:40 बजे हुई थी। नालागढ़ पुलिस स्टेशन के परिसर में पुलिस जांच अधिकारी के कमरे से लगी बाहरी दीवार के समीप IED विस्फोट हुआ था। विस्फोट के बाद स्थानीय पुलिस ने मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की थी। बाद में मामले की गंभीरता और सामने आए संभावित व्यापक नेटवर्क को देखते हुए इसकी जांच NIA को सौंप दी गई। मामले में NIA ने 8 मई 2026 को केस को दोबारा दर्ज किया। एजेंसी ने जांच के लिए भारतीय न्याय संहिता (BNS), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम यानी UAPA की संबंधित धाराओं का इस्तेमाल किया। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और संभावित साजिश से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल शुरू हुई। हरमन हैरी और जसन सैनी से पहले इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका था। NIA के अनुसार इन आरोपियों में महावीर कुमार उर्फ काका, अजय मेहरा, मनप्रीत सिंह उर्फ मनी, अर्शदीप सिंह कंडोला उर्फ अर्श कंडोला, करनप्रीत सिंह और दिलजोत सिंह सैनी शामिल हैं। इनमें से शुरुआती गिरफ्तारियां पंजाब पुलिस की ओर से दर्ज संबंधित मामलों में हुई थीं। बाद में NIA ने इन आरोपियों को नालागढ़ IED विस्फोट की अपनी जांच से जोड़ा। NIA के मुताबिक जांच के दौरान हरमन हैरी और जसन सैनी की कथित संलिप्तता के संबंध में जानकारी सामने आई। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया। हालांकि, एजेंसी ने सार्वजनिक रूप से अभी यह विस्तृत नहीं किया है कि दोनों की कथित भूमिका क्या थी और विस्फोट की योजना में उन्होंने किस स्तर पर काम किया था। इसलिए उनकी भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा। NIA अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस घटना के पीछे पूरी साजिश क्या थी और गिरफ्तार किए गए लोगों के बीच किस तरह का संपर्क था। एजेंसी संभावित नेटवर्क और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि विस्फोट की योजना किस तरह तैयार हुई, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और घटना के लिए जरूरी संसाधनों की व्यवस्था कैसे की गई। जांच एजेंसी ने संकेत दिया है कि मामले की पड़ताल अभी जारी है। इसका मतलब है कि जांच के दौरान सामने आने वाले नए साक्ष्यों के आधार पर अन्य संदिग्धों की भूमिका भी जांची जा सकती है। फिलहाल NIA की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य कथित साजिश की पूरी कड़ी को जोड़ना और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पहचान करना है। हरमन हैरी और जसन सैनी की गिरफ्तारी के साथ इस मामले में NIA द्वारा गिरफ्तार आरोपियों की संख्या आठ हो गई है। इसके बावजूद एजेंसी की जांच को अभी पूरा नहीं माना जा सकता। अब आगे की कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ, उपलब्ध तकनीकी और अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण तथा संभावित सहयोगियों की पहचान जैसे पहलू महत्वपूर्ण रहेंगे। नालागढ़ पुलिस स्टेशन परिसर में नए साल के दिन हुए IED विस्फोट ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने कई सवाल खड़े किए थे। स्थानीय स्तर से शुरू हुई जांच बाद में NIA तक पहुंची और अब तक आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। ताजा कार्रवाई में हरमन हैरी और जसन सैनी की गिरफ्तारी हुई है। NIA अब इस मामले की कथित साजिश और उससे जुड़े व्यापक नेटवर्क की जांच कर रही है। आने वाले समय में जांच से सामने आने वाले साक्ष्य यह स्पष्ट कर सकते हैं कि इस घटना में अलग-अलग आरोपियों की वास्तविक भूमिका क्या थी। ध्यान दें: गिरफ्तारियां जांच का हिस्सा हैं; किसी आरोपी को अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने तक कानूनी रूप से दोषी नहीं माना जाता।1 जनवरी को हुआ था विस्फोट
मई में NIA ने अपने हाथ में ली जांच
पहले छह आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
दो नए आरोपियों की भूमिका की जांच
जांच का दायरा सिर्फ विस्फोट तक सीमित नहीं
आगे और गिरफ्तारियां संभव
आठ गिरफ्तारियां, लेकिन जांच अभी जारी
निष्कर्ष
नालागढ़ IED ब्लास्ट केस में NIA की बड़ी कार्रवाई, दो और आरोपी गिरफ्तार





