पटना: राजधानी पटना में मेट्रो रेल परियोजना को गति देने के लिए पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन पर निर्माण कार्य तेज किया जा रहा है। स्टेशन के भूमिगत हिस्से को मजबूत बनाने के लिए डायफ्राम वॉल (Diaphragm Wall) के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इस तकनीकी कार्य को स्टेशन के निर्माण का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। डायफ्राम वॉल भूमिगत निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मजबूत कंक्रीट की दीवार होती है। इसका उद्देश्य जमीन के भीतर खुदाई के दौरान आसपास की मिट्टी को खिसकने से रोकना और निर्माण स्थल को स्थिर बनाए रखना है। पटना जंक्शन जैसे व्यस्त इलाके में भूमिगत मेट्रो स्टेशन तैयार करने के लिए इस तरह की संरचनात्मक व्यवस्था बेहद जरूरी है। पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन का निर्माण तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। आसपास रेलवे स्टेशन, सड़क मार्ग और व्यावसायिक गतिविधियां होने के कारण निर्माण के दौरान विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। डायफ्राम वॉल तैयार होने के बाद स्टेशन के भूमिगत हिस्से की आगे की खुदाई और अन्य संरचनात्मक कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। पटना मेट्रो परियोजना का उद्देश्य राजधानी में बढ़ते यातायात दबाव को कम करना और लोगों को तेज एवं सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है। पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन के तैयार होने से रेलवे और मेट्रो सेवाओं के बीच आवागमन आसान बनाने में मदद मिल सकती है। इससे ट्रेन से पटना पहुंचने वाले यात्रियों को शहर के अलग-अलग हिस्सों तक जाने के लिए एक अतिरिक्त परिवहन विकल्प उपलब्ध होगा। पटना में लगातार बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के कारण सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ रहा है। मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद यात्रियों को निजी वाहनों और सड़क परिवहन पर निर्भरता कम करने का विकल्प मिल सकेगा। पटना जंक्शन स्टेशन का निर्माण पूरा होना परियोजना की प्रगति के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल निर्माण कार्य के अगले चरणों और निर्धारित समयसीमा पर लोगों की नजर बनी हुई है।भूमिगत स्टेशन के निर्माण में अहम चरण
मेट्रो से यात्रियों को मिलेगा बेहतर विकल्प
राजधानी की यातायात व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन के निर्माण में आई तेजी, भूमिगत डायफ्राम वॉल बनाने का काम आगे बढ़ा






