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ओडिशा पर फिर मंडराया चक्रवाती तूफान का खतरा, मुरासु को लेकर अलर्ट; अर्नब से 1.18 लाख लोग प्रभावित, छह की मौत


भुवनेश्वर। चक्रवाती तूफान अर्नब और उसके कारण हुई भारी बारिश तथा बाढ़ से उबरने की कोशिश कर रहे ओडिशा के सामने एक नई मौसमी चुनौती खड़ी होती दिखाई दे रही है। राज्य में संभावित नए चक्रवाती तूफान मुरासु को लेकर चिंता बढ़ गई है। पिछले तूफान और बाढ़ के कारण राज्य में करीब 1.18 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि छह लोगों की जान जा चुकी है। नए मौसम संकट की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

अर्नब और बाढ़ से भारी नुकसान

पिछले चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से ओडिशा के कई इलाकों में भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हुई थी। इससे बड़ी संख्या में लोगों का सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। कई क्षेत्रों में जलभराव, आवागमन में परेशानी और दैनिक गतिविधियों में बाधा की स्थिति बनी।

प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन को बड़े स्तर पर प्रयास करने पड़े। प्राकृतिक आपदा में छह लोगों की मौत होने से स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

नए तूफान मुरासु को लेकर बढ़ी चिंता

अभी राज्य पिछले तूफान के प्रभाव से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाया है। इसी बीच संभावित चक्रवाती तूफान मुरासु को लेकर नई चिंताएं सामने आने लगी हैं।

यदि मौसम की परिस्थितियां अनुकूल बनीं और तूफान का प्रभाव ओडिशा तक पहुंचा, तो पहले से प्रभावित इलाकों में दोबारा मुश्किलें बढ़ सकती हैं। विशेष रूप से निचले क्षेत्रों और तटीय जिलों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती होगी।

प्रशासन ने तेज की तैयारियां

संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए प्रशासन आपदा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहा है। राहत एवं बचाव दलों की तैयारी, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता और संवेदनशील इलाकों की निगरानी पर ध्यान दिया जा रहा है।

इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत शिविरों की व्यवस्था करने और आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय रखने की तैयारी भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

मछुआरों और तटीय आबादी की सुरक्षा अहम

चक्रवाती मौसम के दौरान समुद्र में तेज हवाएं और ऊंची लहरें उठने का खतरा रहता है। ऐसे में समुद्र में मछली पकड़ने वाले लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करना जरूरी है।

तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों पर ध्यान देने और अफवाहों से बचने की सलाह दी जा सकती है।

मौसम विभाग की चेतावनी पर रहेगी नजर

ओडिशा के लिए आने वाले दिन मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकते हैं। प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के सामने एक ओर पिछले तूफान से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने की चुनौती है, तो दूसरी ओर संभावित नए संकट से निपटने की तैयारी भी करनी है।

फिलहाल मुरासु के संभावित मार्ग, तीव्रता और ओडिशा पर उसके प्रभाव को लेकर आधिकारिक मौसम पूर्वानुमान का इंतजार करना जरूरी है।