• 04 माह से ज्यादा बीतने के बाद भी नहीं मिली एमडीएम की राशि.
रांची एक्सप्रेस संवाददाता
पालोजोरी (देवघर) : वित्तीय वर्ष 2026-27 शुरू हुए 04 माह 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पालोजोरी प्रखंड के एमडीएम आच्छादित स्कूलों को मध्यान्ह भोजन मद की राशि नहीं मिली है। राशि नहीं आने से सरस्वती वाहिनी माता समिति के खाते खाली हैं और स्कूलों में एमडीएम का संचालन करना प्रबंधन के लिए मुश्किल हो गया है।
एमडीएम के सुचारू संचालन के लिए चावल के अलावा दाल, तेल, मसाला, हरी सब्जी और गैस सिलेंडर जैसी सामग्री खरीदनी पड़ती है। लेकिन विभाग ने इस वित्तीय वर्ष में अब तक सिर्फ जून माह के 04 दिनों की राशि ही भेजी है।
जबकि अब तक स्कूलों में लगभग 90 दिनों तक बच्चों को भोजन परोसा जा चुका है। 04 दिन की राशि ऊंट के मुंह में जीरा साबित हुई है।
पहले 2-4 दिन का उधार किराना दुकानदार दे देते थे, लेकिन अब बकाया ज्यादा होने के कारण दुकानदारों ने भी उधार देने से मना कर दिया है। स्कूल के अध्यक्ष, संयोजिका और संयोजक अब यह सोचकर परेशान हैं कि आगे एमडीएम का संचालन कैसे होगा।
भारत के सर्वोच्च न्यायालय का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी स्थिति में स्कूलों में एमडीएम का संचालन बाधित नहीं होना चाहिए। बावजूद इसके 4 माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी राशि नहीं भेजी गई है और विभाग मौन है।
नाम न छापने की शर्त पर कई स्कूल के प्रभारी ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए बच्चों को भोजन तो दे रहे हैं, लेकिन बेहतर व्यवस्था कैसे हो, इसे लेकर विभाग उदासीन है।
इस संबंध में प्रखंड संसाधन केंद्र पालोजोरी के एमडीएम प्रभारी अकिल परवेज से संपर्क करने पर उन्होंने कहा, "अभी इस मद की राशि के आवंटन की कोई सूचना नहीं है। इसलिए राशि सरस्वती वाहिनी माता समिति के खाते में कब आएगी, यह स्पष्ट नहीं कहा जा सकता। हालांकि पालोजोरी के किसी भी स्कूल में एमडीएम बाधित नहीं है।"
वित्तीय वर्ष के एक तिहाई से अधिक समय बीतने के बाद भी राशि नहीं मिलने से स्कूल प्रबंधन और बच्चों के पोषण पर सीधा असर पड़ रहा है। अब देखना होगा कि विभाग कब तक राशि भेजकर स्कूलों को राहत देता है।







