आध्यात्मिकता के साथ मनाई गई कृष्ण जन्माष्टमी, बाल कलाकारों ने प्रस्तुत की कृष्ण लीलाएँ
जमशेदपुर, 4 सितंबर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, कदमा शाखा द्वारा आज कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व आध्यात्मिक भाव एवं उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में छोटे-छोटे बच्चों ने बालकृष्ण से लेकर युवा कृष्ण तथा राधा-कृष्ण की मनमोहक प्रस्तुतियों के माध्यम से सभी का मन मोह लिया। बाल कलाकारों ने श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं का सुंदर वर्णन एवं मंचन कर उनके आध्यात्मिक संदेश को भी प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर बीके संजू दीदी ने कृष्ण जन्माष्टमी की आध्यात्मिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रीकृष्ण केवल भक्ति के पात्र नहीं, बल्कि पवित्रता, दिव्यता, प्रेम, शांति और श्रेष्ठ संस्कारों के प्रतीक हैं। कृष्ण के जीवन से हमें अपने जीवन को भी दिव्य गुणों से भरने तथा आत्मिक चेतना में स्थित होकर श्रेष्ठ कर्म करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी का वास्तविक संदेश बाहरी उत्सव के साथ-साथ अपने भीतर के दिव्य स्वरूप को जागृत करना है।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों द्वारा मटकी फोड़ने (हांडी फोड़) का विशेष आयोजन भी किया गया, जिसमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे परिसर में कृष्ण जन्माष्टमी के भक्ति एवं आध्यात्मिक वातावरण के साथ आनंद और उमंग का माहौल बना रहा।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी परिवार के भाई-बहनों के साथ बड़ी संख्या में बच्चे एवं अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य श्रीकृष्ण के जीवन एवं उनकी लीलाओं के माध्यम से समाज में पवित्रता, प्रेम, शांति, सद्भाव और श्रेष्ठ संस्कारों का संदेश प्रसारित करना रहा।






