झारखण्ड क्रांति मंच के केन्द्रीय अध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने आज मेदिनीनगर में प्रेस बयान जारी कर कहा है कि अमेरिका के सनकी,गालीबाज, विस्तारवादी व विश्व में शांति व मानवता के घोर विरोधी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प व इजरायल के पीएम नेतन्याहू की ईरान के साथ लगभग 40 दिनों तक चले युद्ध में रणनीतिक हार के बाद अमेरिकी सिनेटरों द्वारा ट्रम्प को हटाए जाने के प्रस्ताव व अमेरिकी जनता द्वारा ट्रम्प के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन से हमारे प्रधानमंत्री को सबक लेना चाहिए।
ट्रम्प के खिलाफ अमेरिकी सिनेटरों की बगावत से मोदी सबक लें: झारखण्ड क्रांति मंच
ट्रम्प के खिलाफ अमेरिकी सिनेटरों की बगावत से मोदी सबक लें: झारखण्ड क्रांति मंच
बयान में उन्होंने कहा है कि ईरान के 10 सूत्रि प्रस्तावों पर झूकते हुए अमेरिका द्वारा दो सप्ताह तक युद्ध विराम की घोषणा के बाद पाकिस्तान में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी बेन्स की उपस्थिति में शांति व समझौता वार्ता निश्चित रूप से तथाकथित विश्वगुरु मोदी की विदेश नीति के मोर्चे पर कुटनीतिक हार है,जो अतिशय निंदनीय है।आज मोदी की अदूरदर्शिता व अमेरिका/इजरायल जैसे हड़प नीति वाले देशों को फादरलैंड मानकर समर्पण करने की वजह से दुनिया भर में आतंकवाद के लिए कुख्यात रह चुका पाकिस्तान शांति व समझौते का चौधरी बन कर विश्व पटल पर उभर चुका है,जो हमारे लिए घनघोर चिंता का विषय है।
ब्यान में जेकेएम अध्यक्ष ने कहा है कि ईरान के परमाणु संवर्द्धन व प्रसार कार्यक्रमों को रोकने के बदले अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलवाना ही ट्रम्प का एकमात्र उद्देश्य था,तो ऐसे सनकी,बदमिजाज व जालिम ट्रम्प के हाथ में परमाणु बम का बटन नहीं देना चाहिए?
ज्ञातव्य है कि ग्रीनलैंड पर अवैध कब्जा की चाहत,बेनेज्वेला के राष्ट्रपति व उनकी पत्नी का अपहरण के बाद ईरान के सर्वोच्च शक्ति सम्पन्न नेता खामनेई समेत सैकड़ों बेगुनाहों की मौतों का यह युद्ध अपराधी है,जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति पद से हटाकर अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय में अभियोग चलाकर फांसी देनी चाहिए।




