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18 सितम्बर 2026 को सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल), जमशेदपुर द्वारा सीएसआईआर-जिज्ञासा कार्यक्रम के अंतर्गत राजेन्द्र विद्यालय


 जमशेदपुर के 102 विद्यार्थियों एवं 5 शिक्षकों के लिए एक प्रयोगशाला भ्रमण का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जागरूकता को बढ़ावा देना तथा उन्हें वैज्ञानिक अनुसंधान एवं नवाचार की दुनिया से परिचित कराना था। छात्र दल का नेतृत्व श्री प्रणब दत्ता एवं श्रीमती रूपा दत्ता द्वारा किया गया।

कार्यक्रम का शुभारम्भ उद्घाटन सत्र से हुआ, जिसकी शुरुआत सीएसआईआर-एनएमएल के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का स्वागत करते हुए देश के विकास में सीएसआईआर-एनएमएल के पिछले 75 वर्षों के महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने विभिन्न तकनीकी उपलब्धियों, अनुसंधान कार्यों एवं नवाचारों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में प्रयोगशाला की भूमिका का उल्लेख किया।

इसके पश्चात डॉ. अनिमेष जाना, वैज्ञानिक-ई ने जिज्ञासा कार्यक्रम के उद्देश्यों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा विकसित करने तथा वैज्ञानिकों और युवा प्रतिभाओं के बीच संवाद एवं सहयोग को सुदृढ़ करने की कार्यक्रम की परिकल्पना को समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रति जिज्ञासु बने रहने तथा नए विचारों को खोजने के लिए प्रेरित किया।
इस भ्रमण का एक प्रमुख आकर्षण विद्यार्थियों का वैज्ञानिकों एवं शोधकर्ताओं के साथ संवाद रहा, जिससे उन्हें सीएसआईआर-एनएमएल में चल रही विभिन्न अनुसंधान गतिविधियों की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। विद्यार्थियों को विभिन्न अनुसंधान प्रयोगशालाओं का भ्रमण कराया गया, जहाँ उन्होंने अत्याधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों, प्रायोगिक तकनीकों तथा प्रयोगशाला कार्यप्रणालियों को निकट से देखा और समझा। इस भ्रमण ने विद्यार्थियों को यह जानने का अवसर प्रदान किया कि वैज्ञानिक ज्ञान को किस प्रकार समाज एवं उद्योग के हित में व्यावहारिक अनुप्रयोगों में परिवर्तित किया जाता है।
कार्यक्रम के अंत में एक रोचक प्रश्नोत्तरी (क्विज़) सत्र आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य भ्रमण के दौरान साझा की गई वैज्ञानिक जानकारियों को सुदृढ़ करना तथा विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करना था। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्नोत्तरी में भाग लिया और पूरे कार्यक्रम के दौरान अपनी जिज्ञासा एवं रुचि का परिचय दिया।

समग्र रूप से विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने प्रयोगशाला भ्रमण तथा अनुसंधान गतिविधियों के प्रदर्शन से प्राप्त ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक अनुभव पर अत्यंत संतोष व्यक्त किया।