नई दिल्ली: वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। शुरुआती कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड का भाव घटकर 103.11 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में आई इस नरमी से भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों को आर्थिक राहत मिलने की संभावना है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने से देश के आयात बिल पर दबाव घट सकता है। इसका सकारात्मक असर विदेशी मुद्रा भंडार और व्यापार घाटे पर भी पड़ने की उम्मीद रहती है। कच्चे तेल की कीमतें कम रहने से घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर भी राहत की संभावनाएं बन सकती हैं। हालांकि, आम उपभोक्ताओं को इसका सीधा फायदा मिलेगा या नहीं, यह कई अन्य कारकों के साथ तेल कंपनियों की मूल्य निर्धारण नीति पर निर्भर करेगा। वैश्विक मांग, आपूर्ति की स्थिति और भू-राजनीतिक घटनाक्रम आगे भी कच्चे तेल की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में होने वाले बदलावों पर भारत की नजर बनी रहेगी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सस्ता हुआ कच्चा तेल, ब्रेंट क्रूड 103.11 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा; भारत को राहत की उम्मीद






