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IDBI बैंक के निजीकरण के विरोध में देशव्यापी हड़ताल, 2 और 3 नवंबर को कर्मचारी करेंगे प्रदर्शन; बैंकिंग सेवाओं पर पड़ सकता है असर


नई दिल्ली। IDBI बैंक के प्रस्तावित निजीकरण को लेकर बैंक कर्मचारियों में विरोध तेज हो गया है। निजीकरण की प्रक्रिया और कनाडा के फेयरफैक्स समूह को बैंक का नियंत्रण सौंपने की संभावित योजना के खिलाफ कर्मचारी संगठनों ने 2 और 3 नवंबर को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बैंक के सार्वजनिक क्षेत्र के स्वरूप को बनाए रखना और कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा करना जरूरी है।

निजीकरण की योजना का विरोध

कर्मचारी संगठनों के अनुसार, IDBI बैंक का निजीकरण केवल स्वामित्व में बदलाव का मामला नहीं है, बल्कि इससे बैंक की सार्वजनिक भूमिका और भविष्य की कार्यप्रणाली भी प्रभावित हो सकती है।

संगठनों को आशंका है कि निजी हाथों में नियंत्रण जाने के बाद कर्मचारियों की सेवा शर्तों, रोजगार की सुरक्षा और अन्य सुविधाओं पर असर पड़ सकता है। इसी वजह से बैंक कर्मचारी इस प्रस्तावित बदलाव का विरोध कर रहे हैं।

फेयरफैक्स समूह को नियंत्रण सौंपने की योजना पर सवाल

IDBI बैंक के विनिवेश की प्रक्रिया में कनाडा के फेयरफैक्स समूह का नाम प्रमुखता से सामने आया है। प्रस्तावित सौदे के तहत बैंक में सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की हिस्सेदारी बेचने की योजना पर काम किया जा रहा है।

कर्मचारी संगठनों का मानना है कि बैंक जैसे महत्वपूर्ण वित्तीय संस्थान का नियंत्रण निजी समूह को सौंपने से पहले सार्वजनिक हित, वित्तीय समावेशन और कर्मचारियों के भविष्य पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

दो दिनों तक देशभर में होगा विरोध

हड़ताल का आह्वान 2 और 3 नवंबर के लिए किया गया है। इस दौरान कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराने की तैयारी में हैं।

यदि हड़ताल में बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल होते हैं, तो बैंक की शाखाओं में नकद लेनदेन, चेक क्लियरेंस और अन्य नियमित बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि, डिजिटल बैंकिंग, एटीएम और ऑनलाइन भुगतान सेवाओं की उपलब्धता अलग-अलग परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांग है कि IDBI बैंक के सार्वजनिक क्षेत्र के स्वरूप की रक्षा की जाए और निजीकरण की प्रक्रिया पर पुनर्विचार किया जाए। इसके अलावा कर्मचारियों की नौकरी, वेतन, पेंशन और अन्य सेवा लाभों को सुरक्षित रखने की मांग भी उठाई जा रही है।

बैंक ग्राहकों को सतर्क रहने की सलाह

दो दिवसीय हड़ताल की घोषणा के बाद ग्राहकों को सलाह दी जा रही है कि वे जरूरी बैंकिंग कार्य पहले ही निपटा लें। विशेष रूप से शाखा में जाकर किए जाने वाले कामों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था रखना उपयोगी हो सकता है।

फिलहाल IDBI बैंक के निजीकरण को लेकर कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच मतभेद का मुद्दा चर्चा में है। आने वाले दिनों में सरकार और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया से इस मामले की आगे की दिशा स्पष्ट हो सकती है।