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विस्थापित परिवार आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार-अरुण कुमार महतो(अध्यक्ष विस्थापित नौजवान संघर्ष मोर्चा)


बोकारो में विस्थापित अप्रेंटिस संघ की भूख हड़ताल 7वें दिन भी जारी, बीएसएल के 10 गेट जाम

बोकारो ।  
विस्थापित अप्रेंटिस संघ का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। आज सातवें  दिन भी भूख हड़ताल जारी रही। अपनी मांगों को लेकर विस्थापितों ने आज बोकारो स्टील प्लांट के 11 में से 10 गेटों को जाम कर दिया, केवल मुख्य गेट को छोड़ दिया गया।

विदित हो कि कल केवल दो गेट - स्टील गेट और दुग्गल गेट जाम किया गया था लेकिन आज आंदोलन को और तेज करते हुए 10 गेट जाम कर दिए गए। विस्थापितों का कहना है कि अगर प्रबंधन उनकी बात नहीं सुनता है तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
आंदोलनकारियों का आरोप है कि प्रेम महतो की मौत के बाद हुई त्रिपक्षीय बातचीत में नियोजन को लेकर सहमति बनी थी, लेकिन 16 महीने बीत जाने के बाद भी इस समझौते पर अमल नहीं हुआ. इस बीच, बोकारो की विधायक श्वेता सिंह सातवें दिन भी इस धरने पर डटी हैं. स्थानीय सांसद ने भी नियोजन की मांग का समर्थन किया है।
आंदोलनकारियों की मुख्य मांगों में 1,500 विस्थापित अप्रेंटिस की बहाली, चतुर्थ वर्ग की नौकरियों के लिए पुरानी आरक्षण व्यवस्था को बहाल करना और प्लांट के कारण विस्थापित हुए लोगों के लिए एक स्पष्ट नियोजन नीति बनाना शामिल है.

संघ का कहना है कि जिन परिवारों ने प्लांट के लिए अपनी जमीन दी है, उनके युवाओं को रोजगार मिलना चाहिए। अपनी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद भी नियोजन न मिलने के कारण, ये युवा गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। संघ के सक्रिय नेता सुनील कुमार ने कहा कि पिछले डेढ़ साल से उन्हें सिर्फ कोरे आश्वासन ही मिले हैं। आंदोलनकारी, ठेका आधारित नियोजन के बजाय, नियमित बहाली और एक स्पष्ट रोजगार नीति चाहते हैं।

        इधर भूख हड़ताल पर बैठी भाजपा  नेत्री एंजेला सिंह की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें आनन-फानन में सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां जांच में बीपी  बढ़ा हुआ पाया गया। फिलहाल उन्हें स्लाइन चढ़ाया जा रहा है और इलाज  जारी है।
बहरहाल, विस्थापितों के इस आंदोलन से मेन गेट के अलावे सभी गेटों को बंद कर लेना यह इंगित कर रहा है कि या तो बोकारो इस्पात संयंत्र प्रबंधन डरा हुआ है या प्रबंधन द्वारा प्लांट की सुरक्षा के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है।