शमशान में जली दो चिताएं, चंद्रपुरा में पसरा मातम..पीछे छूट गया एक सवाल—आखिर किसने और क्यों बरसाईं गोलियां?
चंद्रपुरा की डीवीसी पश्चिम पल्ली कॉलोनी में गुरुवार की शाम हुई गोलीबारी ने पूरे इलाके को हिला दिया। डीवीसी के क्वार्टर HM-14 में घुसकर नरेश कुमार सिन्हा और उनकी पत्नी रेणु सिन्हा की हत्या कर दी गई, जबकि उनका 30 वर्षीय बेटा रोहित सिन्हा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना दिनांक 17 सितंबर को करीब शाम 7:30 बजे की है।
पहले दरवाजा खटखटाया, फिर बरसने लगीं गोलियां
पुलिस के अनुसार हमलावरों ने क्वार्टर का दरवाजा खटखटाया। दरवाजा खुलते ही फायरिंग शुरू हो गई। घटना के वक्त क्षेत्र में तेज बारिश, गरज और बिजली चमक रही थी। पुलिस का कहना है कि इसी वजह से आसपास के लोगों को गोली चलने की आवाज तत्काल स्पष्ट रूप से नहीं सुनाई दी।
रेणु देवी उस समय अपनी बेटी से मोबाइल पर बात कर रही थीं। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, हमले में नरेश और रेणु की मौत हो गई तथा रोहित गंभीर रूप से घायल हुआ। उसे इलाज के लिए बोकारो जनरल अस्पताल ले जाया गया।
बोकारो पुलिस ने अब तक क्या किया?
घटना की सूचना मिलते ही चंद्रपुरा पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को जांच के दायरे में लिया। पुलिस ने मौके से कारतूस/खोखे सहित अन्य साक्ष्य जुटाए। शुक्रवार को बोकारो और रांची से फॉरेंसिक टीम तथा डॉग स्क्वायड ने घटनास्थल की जांच कर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए बोकारो पुलिस ने SIT (विशेष जांच टीम) का गठन किया है। SIT टीम फॉरेंसिक साइंस की मदद से मामले की गहन जांच कर रही है। पुलिस इस हत्याकांड से जुड़े विभिन्न बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए अनुसंधान कर रही है।
वहीं, SIT का नेतृत्व कर रहे बेरमो डीएसपी रविंद्र कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और शीघ्र ही अपराधी पुलिस की गिरफ्त में होगा।
पुलिस द्वारा घटनास्थल से जुटाए गए फॉरेंसिक साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर हत्याकांड की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस ने हमलावरों की पहचान और हत्या के कारण का पता लगाने के लिए अलग-अलग पहलुओं से जांच शुरू की है। कई स्थानों पर छापेमारी की जानकारी भी सामने आई है।
क्यों मारी गई गोली?—
अभी पुलिस जांच में सबसे बड़ा सवाल
हत्या के पीछे की वजह आखिर क्या है? हत्या की आधिकारिक अंतिम पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पुरानी रंजिश की आशंका और परिवार से जुड़े लोगों की संभावित भूमिका जैसे एंगल की जांच की जा रही है। इसलिए फिलहाल किसी व्यक्ति या समूह को हत्या का जिम्मेदार ठहराना जल्दबाजी होगी।
परिवार के मूल रूप से बिहार के गया जिले से जुड़े होने की जानकारी भी पुलिस एवं मीडिया के द्वारा सामने आई है। हालांकि, घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था और हमलावर कौन थे—इसका स्पष्ट उत्तर पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
पोस्टमार्टम के बाद नरेश सिन्हा और रेणु सिन्हा के शव परिजनों को सौंपे गए। इसके बाद गमगीन माहौल के बीच दोनों का अंतिम संस्कार किया गया। एक परिवार ने अपने माता-पिता को खो दिया और पीछे रह गया गंभीर रूप से घायल बेटा—जिसके इलाज और सुरक्षा को लेकर भी परिजनों की चिंता बनी हुई है।
अब पुलिस के सामने तीन बड़े सवाल
1. हमलावर कौन थे?
2. हत्या की असली वजह क्या थी?
3. क्या यह पुरानी रंजिश थी या किसी अन्य विवाद से जुड़ा मामला?
इन सवालों के जवाब पुलिस की फॉरेंसिक जांच, पूछताछ और आगे की कार्रवाई से सामने आने हैं।
फिलहाल बोकारो पुलिस की जांच का केंद्र—हमलावरों की पहचान, हत्या की वास्तविक वजह और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को जोड़कर पूरी सच्चाई तक पहुंचना है।






