कान्हाचट्टी में चना दाल वितरण में गड़बड़ी का आरोप, कालाबाजारी की आशंका
कुछ पंचायतों में हुआ आवंटन, तो कुछ को कम मात्रा का हवाला देकर रखा गया वंचित; कई डीलरों पर वितरण नहीं करने का आरोप
रांची एक्सप्रेस संवाददाता
चतरा। कान्हाचट्टी प्रखंड में जनवितरण प्रणाली के तहत चना दाल के आवंटन और वितरण को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। चना दाल वितरण में कथित अनियमितता और कालाबाजारी का मामला सामने आया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि प्रखंड की कुछ पंचायतों में चना दाल का आवंटन किया गया, जबकि कुछ पंचायतों को कम मात्रा में चना दाल उपलब्ध होने का हवाला देकर आवंटन से वंचित रखा गया।आरोप है कि जिन पंचायतों में चना दाल का आवंटन किया गया, वहां भी कुछ चुनिंदा डीलरों को छोड़कर कई जनवितरण प्रणाली दुकानदारों द्वारा लाभुकों के बीच इसका वितरण नहीं किया गया। स्थानीय स्तर पर चना दाल की कालाबाजारी किए जाने की आशंका जताई जा रही है। इससे जरूरतमंद लाभुक सरकारी योजना के लाभ से वंचित रह गए हैं।मामले को लेकर यह भी चर्चा है कि चना दाल की कालाबाजारी करने वाले कुछ डीलरों को ही आवंटन दिया गया। यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो यह केवल डीलरों की मनमानी का मामला नहीं, बल्कि आवंटन से लेकर वितरण तक पूरी व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।इस संबंध में कान्हाचट्टी के एमओ सह गोदाम प्रबंधक नवीन कुमार तिर्की एवं जिला आपूर्ति पदाधिकारी नीतू सिंह से मोबाइल पर संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन दोनों अधिकारियों ने कॉल रिसीव नहीं किया।अब सवाल यह है कि आखिर किन पंचायतों और किन डीलरों को चना दाल का आवंटन दिया गया? जिन पंचायतों को आवंटन नहीं मिला, उसका आधार क्या था? साथ ही जिन दुकानों में आवंटन के बावजूद वितरण नहीं हुआ, वहां की जांच कब होगी? मामले की निष्पक्ष जांच कर आवंटन, उठाव और वितरण का पंचायतवार एवं डीलरवार मिलान कराना जरूरी है, ताकि लाभुकों के हक का राशन उन तक पहुंच सके और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो सके।






