16 लाख रुपये में चतरा मेले का डाक, लेकिन सुविधाओं के नाम पर सन्नाटा
सड़क पर सज गया मेला, जाम से लोग परेशान; पेयजल, सुरक्षा और झूलों की दरों पर प्रशासन की चुप्पी
रांची एक्सप्रेस संवाददाता
चतरा।चतरा नगर परिषद की ओर से आयोजित चतरा मेले का 16 लाख रुपये में डाक होने के बावजूद व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मेला सड़क पर लगाया गया है, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है और लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। मेले में आने वाले लोगों के लिए पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा तक उपलब्ध नहीं होने की शिकायत है। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था भी नदारद नजर आ रही है।मेले में बच्चों के मनोरंजन के लिए विभिन्न प्रकार के झूले लगाए गए हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। झूलों की सुरक्षा जांच हुई है या नहीं, उनकी क्षमता और संचालन के मानक क्या हैं तथा बच्चों से कितना शुल्क लिया जा रहा है, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं है। झूलों की दरों पर नियंत्रण और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में जिला प्रशासन की ओर से भी अब तक कोई ठोस पहल दिखाई नहीं दे रही है।
मेले में रोजाना बड़ी संख्या में लोगों, खासकर बच्चों और महिलाओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और पेयजल की व्यवस्था जरूरी है। इसके बावजूद सड़क पर मेला संचालन से आम लोगों की परेशानी बढ़ रही है।
अब सवाल यह है कि जब मेले का डाक 16 लाख रुपये में हुआ है, तो आम जनता को बुनियादी सुविधाएं कौन उपलब्ध कराएगा?
क्या नगर परिषद और जिला प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं? बच्चों की सुरक्षा, झूलों की जांच, शुल्क निर्धारण और जाम से निजात दिलाने के लिए आखिर कब ठोस कदम उठाए जाएंगे?मेले में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करना नगर परिषद, संबंधित संचालकों और प्रशासन की जिम्मेदारी है। समय रहते व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो मेले में उमड़ने वाली भीड़ के बीच किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।






