देवघर में मृतक प्रवासी मजदूर के परिजन को मिला सरकारी सहारा: मुख्यमंत्री दुर्घटना कोष से 50 हजार की सहायता
अमित कुमार,
रांची एक्सप्रेस ब्यूरो
देवघर : उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी सौरभ कुमार भुवानियां के निर्देश पर शुक्रवार को एक मानवीय पहल की गई। देवघर श्रम अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार साह ने मृतक प्रवासी श्रमिक स्व. विक्रम टुडू के आश्रित पिता बांका टुडू को ‘मुख्यमंत्री झारखण्ड प्रवासी श्रमिक दुर्घटना कोष’ से 50,000 रुपये का चेक प्रदान किया।
ज्ञात हो कि मृतक विक्रम टुडू ग्राम-गादी, प्रखण्ड-पालोजोरी का निवासी था। वह तेलंगाना में मजदूरी करता था। घर वापस आने के क्रम में सिकन्दराबाद स्टेशन के पास रेल पटरी पर वह मृत अवस्था में पाया गया था।
मामले की सूचना स्थानीय जनप्रतिनिधि के माध्यम से मिलने के बाद उपायुक्त के निर्देश पर बीडीओ पालोजोरी और श्रम अधीक्षक ने त्वरित कार्रवाई की और परिजन को सहायता राशि उपलब्ध कराई।
इस दौरान श्रम अधीक्षक ने मृतक के परिजनों को श्रमाधान पोर्टल पर प्रवासी श्रमिक के रूप में निबंधन कराने की जानकारी भी दी। उन्होंने अपील की कि झारखण्ड से बाहर काम करने जाने वाले सभी श्रमिक अपना निबंधन श्रमाधान पोर्टल पर जरूर करा लें।
क्या है इस योजना में लाभ..?
श्रम विभाग के अनुसार :-
*1. मृत्यु होने पर:* पंजीकृत श्रमिक की दुर्घटना या प्राकृतिक आपदा में मृत्यु पर आश्रित को 2 लाख रुपये, जबकि अपंजीकृत होने पर 1 लाख 50 हजार रुपये दिए जाते हैं। सामान्य मृत्यु होने पर पार्थिव शरीर को पैतृक गांव लाने के लिए अधिकतम 50 हजार रुपये की सहायता पंजीकृत और अपंजीकृत दोनों को दी जाती है।
*2. दिव्यांगता होने पर:* दुर्घटना में दो आंख या दो अंगों की हानि पर पंजीकृत को 2 लाख और अपंजीकृत को 1.50 लाख रुपये। एक आंख या एक अंग की हानि पर पंजीकृत को 1 लाख और अपंजीकृत को 75 हजार रुपये की सहायता का प्रावधान है।






