जमशेदपुर। मानगो क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से चल रही 24.62 करोड़ रुपये की पाइपलाइन परियोजना अब अग्नि सुरक्षा से जुड़े एक महत्वपूर्ण सवाल को लेकर चर्चा में है। परियोजना में फायर हाइड्रेंट की व्यवस्था नहीं होने का मुद्दा सामने आने के बाद इसकी तकनीकी योजना और सुरक्षा प्रावधानों पर सवाल उठने लगे हैं। करोड़ों की परियोजना में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल पाइपलाइन परियोजनाओं का उद्देश्य केवल घरों तक पानी पहुंचाना ही नहीं, बल्कि जरूरत के समय सार्वजनिक सुविधाओं और आपातकालीन सेवाओं को भी सहयोग देना होता है। शहरी क्षेत्रों में आग लगने जैसी घटनाओं के दौरान फायर हाइड्रेंट अग्निशमन विभाग के लिए पानी उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम होते हैं। ऐसे में मानगो की इस परियोजना में फायर हाइड्रेंट का प्रावधान नहीं होने की बात सामने आने से योजना तैयार करने के दौरान आपातकालीन जरूरतों को कितनी प्राथमिकता दी गई, इस पर चर्चा शुरू हो गई है। आग लगने की स्थिति में हो सकती है परेशानी मानगो जैसे घनी आबादी वाले इलाके में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, आवासीय भवनों और संकरी सड़कों की मौजूदगी के कारण अग्निशमन व्यवस्था काफी महत्वपूर्ण है। किसी बड़े अग्निकांड की स्थिति में नजदीकी फायर हाइड्रेंट उपलब्ध होने से दमकल वाहनों को पानी भरने में मदद मिल सकती है। यदि पाइपलाइन नेटवर्क में इस तरह की सुविधा शामिल नहीं है, तो भविष्य में अतिरिक्त अग्नि सुरक्षा व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता पड़ सकती है। परियोजना की समीक्षा की उठ रही मांग इस मामले ने परियोजना की डिजाइन, तकनीकी स्वीकृति और अग्नि सुरक्षा से संबंधित प्रावधानों की समीक्षा की जरूरत को सामने ला दिया है। संबंधित विभागों के सामने यह स्पष्ट करने की चुनौती होगी कि फायर हाइड्रेंट को योजना में शामिल क्यों नहीं किया गया और क्या भविष्य में इसके लिए अलग से व्यवस्था की जा सकती है। फिलहाल, 24.62 करोड़ रुपये की इस परियोजना में फायर हाइड्रेंट की अनुपस्थिति का मुद्दा शहरी जलापूर्ति योजनाओं के साथ अग्नि सुरक्षा को भी प्राथमिकता देने की आवश्यकता को रेखांकित करता है। अधिकारियों की ओर से इस संबंध में आधिकारिक स्पष्टीकरण और आगे की कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद तस्वीर अधिक स्पष्ट होगी।
मानगो की 24.62 करोड़ की पाइपलाइन परियोजना में फायर हाइड्रेंट नदारद, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल






