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भावनात्मक रूप से सशक्त विद्यार्थियों के निर्माण की दिशा में गुलमोहर हाई स्कूल की अनूठी पहल


जमशेदपुर | 31 अक्टूबर 2026

गुलमोहर हाई स्कूल, जमशेदपुर ने अपने ‘Happy School Programme’ के अंतर्गत विद्यार्थियों के भावनात्मक एवं मानसिक कल्याण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विद्यालय के प्राथमिक विभाग में ‘The Calm Nest’ तथा उच्च विद्यालय विभाग में ‘The Reflection Hub’ नामक दो विशेष केंद्रों का उद्घाटन किया गया।

इन केंद्रों का उद्घाटन विद्यालय की प्राचार्या सुश्री प्रीति सिन्हा एवं उपप्राचार्या सुश्री अर्चना श्रीवास्तव ने किया।

प्राचार्या सुश्री प्रीति सिन्हा की परिकल्पना एवं मार्गदर्शन में इस पहल को Happy School Programme की प्रक्रिया प्रभारी शिक्षिकाओं सुश्री हरिता, सुश्री बिजेता, सुश्री सायोनी, सुश्री सुदेश एवं सुश्री इंद्राणी सहित अन्य शिक्षकों ने साकार किया।

विशेष रूप से कक्षा 12 की अदिति झा, श्रीतीर्थ जोगले, गुरुपदेश तथा कक्षा 9 की अक्षिता ने ‘The Reflection Hub’ की सज्जा एवं डिजाइन में रचनात्मक योगदान दिया। यह पहल विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी और नेतृत्व क्षमता का भी उदाहरण है।

दो विशेष केंद्र, एक उद्देश्य

The Calm Nest — “A Place to Pause, Breathe, Think and Grow”

प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों के लिए तैयार यह आकर्षक एवं शांत वातावरण वाला केंद्र उन्हें अपनी भावनाओं को पहचानने और नियंत्रित करने में सहायता करेगा। यहाँ इमोशन वॉल, काइंडनेस ट्री, ग्रैटिट्यूड कॉर्नर, श्वास अभ्यास तथा रचनात्मक गतिविधियों की व्यवस्था की गई है।

The Reflection Hub — “Reflect, Reset and Respond”

उच्च कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए विकसित यह केंद्र आत्मचिंतन, तनाव प्रबंधन और जिम्मेदार निर्णय लेने की क्षमता को प्रोत्साहित करेगा। यहाँ मूड मीटर, आत्मचिंतन कार्यपत्रक, तनाव प्रबंधन तकनीकें तथा सकारात्मक सोच विकसित करने वाली गतिविधियाँ उपलब्ध हैं।

दंड नहीं, आत्मचिंतन और सकारात्मक बदलाव

इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता इसका दंड के स्थान पर आत्मचिंतन और सकारात्मक अनुशासन पर आधारित दृष्टिकोण है।

निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अंतर्गत शिक्षक या मेंटर की अनुशंसा पर विद्यार्थी लगभग 5 से 15 मिनट तक इन केंद्रों में उपयुक्त गतिविधियों के माध्यम से अपनी भावनाओं को समझेंगे और स्वयं को संतुलित कर पुनः कक्षा में लौटेंगे।

इन केंद्रों का उद्देश्य बच्चों को दंडित करना या अलग-थलग रखना नहीं, बल्कि उनमें आत्मनियंत्रण, सहानुभूति, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।

इस अवसर पर प्राचार्या सुश्री प्रीति सिन्हा ने अपने संदेश में कहा:

“शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ भावनात्मक बुद्धिमत्ता का विकास भी उतना ही आवश्यक है। बच्चों को केवल पाठ्यपुस्तकों की समस्याएँ हल करना ही नहीं, बल्कि अपनी भावनाओं को समझना, चुनौतियों का सामना करना और सही निर्णय लेना भी सीखना चाहिए। वास्तविक अनुशासन भय से नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और आत्मजागरूकता से विकसित होता है।”

यह अभिनव पहल गुलमोहर हाई स्कूल के ‘Happy School Programme’ को और सशक्त बनाते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, भावनात्मक सुदृढ़ता और सकारात्मक विद्यालयी वातावरण के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

गुलमोहर हाई स्कूल का विश्वास है कि सच्ची शिक्षा केवल प्रतिभाशाली मस्तिष्क ही नहीं, बल्कि संवेदनशील, आत्मविश्वासी और भावनात्मक रूप से सशक्त व्यक्तित्व भी तैयार करती है।

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जारीकर्ता:
गुलमोहर हाई स्कूल
जमशेदपुर, झारखंड