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एमजीएम मेडिकल कॉलेज के दोनों इंटर्न हॉस्टलों से हटाया गया अवैध कब्जा, इंटर्न डॉक्टरों को आवास मिलने का रास्ता साफ


जमशेदपुर। जमशेदपुर स्थित महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज में इंटर्न डॉक्टरों के लिए आवासीय व्यवस्था बेहतर बनाने की दिशा में कार्रवाई की गई है। कॉलेज परिसर में स्थित दोनों इंटर्न हॉस्टलों से अवैध कब्जा हटाने की प्रक्रिया पूरी की गई। इस कार्रवाई के बाद हॉस्टलों को व्यवस्थित करने और पात्र इंटर्न डॉक्टरों को रहने की सुविधा उपलब्ध कराने की उम्मीद बढ़ गई है।

लंबे समय से आवासीय व्यवस्था पर था असर

इंटर्न हॉस्टलों में अवैध रूप से रह रहे लोगों के कारण मेडिकल इंटर्न के लिए उपलब्ध कमरों का समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा था। इससे प्रशिक्षण के दौरान कॉलेज परिसर में रहने वाले डॉक्टरों को आवास संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता था। अब कब्जा हटाए जाने के बाद हॉस्टल की उपलब्धता और उपयोग को लेकर नई व्यवस्था बनाने का अवसर मिलेगा।

इंटर्न डॉक्टरों को मिलेगी राहत

मेडिकल कॉलेज में इंटर्नशिप करने वाले डॉक्टरों को अस्पताल और कॉलेज में नियमित रूप से अपनी सेवाएं देनी होती हैं। ऐसे में परिसर के भीतर आवास की सुविधा होने से उन्हें ड्यूटी और प्रशिक्षण में सहूलियत मिलती है। दोनों हॉस्टलों से अवैध कब्जा हटने के बाद इंटर्न डॉक्टरों के लिए रहने की व्यवस्था बेहतर होने की संभावना है।

हॉस्टल व्यवस्था को व्यवस्थित करने की उम्मीद

इस कार्रवाई के बाद अब हॉस्टलों की साफ-सफाई, कमरों की स्थिति और आवंटन व्यवस्था को दुरुस्त करने की जरूरत होगी। यदि कमरों का नियमानुसार आवंटन किया जाता है, तो इससे नए और वर्तमान इंटर्न डॉक्टरों को काफी राहत मिल सकती है।

एमजीएम मेडिकल कॉलेज की यह पहल परिसर की आवासीय सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, कमरों के आवंटन, उपलब्ध क्षमता और नई व्यवस्था को लेकर आधिकारिक विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।