BREAKING NEWS

logo

Advertisement
Advertisement

जमशेदपुर में साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा, छापेमारी में 90 ATM कार्ड और कई सिम कार्ड बरामद


जमशेदपुर: झारखंड के जमशेदपुर में साइबर अपराध से जुड़े एक संदिग्ध नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा किया है। एक कमरे में छापेमारी के दौरान पुलिस को 90 एटीएम कार्ड और बड़ी संख्या में सिम कार्ड मिले हैं। इतनी अधिक संख्या में बैंकिंग कार्ड और मोबाइल सिम बरामद होने के बाद मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इनका इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया जा रहा था और इस पूरे नेटवर्क के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

एक कमरे से मिला संदिग्ध सामान

पुलिस की छापेमारी के दौरान कमरे की तलाशी लेने पर अलग-अलग बैंकों के 90 एटीएम कार्ड बरामद किए गए। इसके अलावा कई सिम कार्ड भी मिले हैं। शुरुआती जांच में इतनी बड़ी संख्या में बैंकिंग कार्ड और सिम कार्ड का एक ही स्थान पर मिलना संदेह पैदा कर रहा है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि बरामद कार्ड किन लोगों के नाम पर जारी किए गए हैं। साथ ही सिम कार्ड के कनेक्शन और उनके इस्तेमाल से संबंधित जानकारियां भी जुटाई जा रही हैं।

साइबर ठगी के नेटवर्क की जांच शुरू

पुलिस को आशंका है कि बरामद सामग्री का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी गतिविधियों में किया जा सकता था। हालांकि, इन कार्डों और सिम कार्डों के वास्तविक इस्तेमाल की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

जांच के दौरान बैंक खातों से जुड़े लेनदेन, मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल, डिजिटल गतिविधियों और संदिग्ध लोगों के संपर्कों की पड़ताल की जा सकती है। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि मामला केवल स्थानीय स्तर तक सीमित है या इसके तार दूसरे शहरों और राज्यों से भी जुड़े हैं।

अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में

पुलिस इस मामले में बरामद सामान के स्रोत और उसके इस्तेमाल से जुड़े लोगों की पहचान करने में जुटी है। यह भी जांच की जा रही है कि एटीएम कार्ड किन खाताधारकों के हैं और सिम कार्ड किसके नाम पर जारी किए गए थे।

यदि जांच में संगठित साइबर ठगी के नेटवर्क की पुष्टि होती है, तो इसमें शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

लोगों को सतर्क रहने की जरूरत

इस घटना के बाद साइबर सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सावधानी बरतने की जरूरत सामने आई है। लोगों को अपना एटीएम कार्ड, बैंकिंग जानकारी, ओटीपी और सिम कार्ड किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना चाहिए। किसी भी संदिग्ध बैंकिंग लेनदेन या ऑनलाइन धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत बैंक और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।

फिलहाल पुलिस की जांच का मुख्य केंद्र बरामद 90 एटीएम कार्ड और सिम कार्ड हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि इस मामले में कितने लोग शामिल हैं और साइबर ठगी का नेटवर्क कितने बड़े स्तर पर सक्रिय था।