1932 के खतियान में दर्ज पीपल के पेड़ की जगह फिर होगा पौधरोपण, प्रकृति संरक्षण का लिया संकल्प
रिपोर्ट :उदय किशोर सिंह, जामताड़ा।
जामताड़ा के जिले के पालाजोरी पंचायत अंतर्गत सुगनीवासा गांव में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक सराहनीय पहल की जा रही है। गांव में वर्ष 1932 के खतियान में दर्ज पीपल के पेड़ के स्थान पर एक बार फिर पेड़ लगाने की तैयारी की जा रही है। भाजपा जिला मंत्री अबिता हांसदा के अनुसार, यह स्थान पूरे गांव की जमीन की नापी और पहचान के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
इस पहल का उद्देश्य केवल पौधरोपण करना ही नहीं, बल्कि प्रकृति के संरक्षण के साथ जल, जंगल और जमीन को बचाने का संदेश देना भी है। पीपल के पेड़ को प्रकृति और पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में पुराने खतियान में दर्ज पेड़ के स्थान पर दोबारा पौधा लगाने की पहल ग्रामीणों के लिए विशेष महत्व रखती है।
जामताड़ा भाजपा जिला मंत्री अबिता हांसदा ने कहा कि प्रकृति की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है। जल, जंगल और जमीन हमारी पहचान और जीवन का आधार हैं। इन्हें बचाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को आगे आना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि अधिक से अधिक पेड़ लगाएं और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल भी करें।
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कहा, “पेड़ लगाएं, पेड़ बचाएं। प्रकृति सुरक्षित रहेगी, तभी हमारा भविष्य सुरक्षित रहेगा।”
सुगनीवासा गांव में की जा रही यह पहल पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली बचाए रखने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।



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