खरीफ फसल बीमा योजना: जामताड़ा में 57,877 किसानों के आवेदन स्वीकृत
धान और मक्का की 39,675 हेक्टेयर से अधिक भूमि के लिए आए थे आवेदन, जांच के बाद 57,877 आवेदन वैध पाए गए।
उदय किशोर सिंह,
जामताड़ा।
खरीफ 2026 के तहत बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में फसल बीमा आवेदनों के सत्यापन, दस्तावेजों की गुणवत्ता जांच और बीमित क्षेत्रफल की समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि जिले में खरीफ 2026 के लिए धान और मक्का की फसलों को अधिसूचित किया गया है। इन फसलों के बीमा के लिए कुल 59,015 किसानों ने आवेदन किया है। इनमें धान के 55,856 और मक्का के 3,159 आवेदन शामिल हैं। इन आवेदनों के तहत कुल 39,675.32 हेक्टेयर क्षेत्र बीमा के लिए दर्ज किया गया है।
बीमा कंपनी एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और सहकारिता विभाग की ओर से आवेदनों की गुणवत्ता जांच की गई। जांच के दौरान 110 दोहराव वाले आवेदन और 1,028 आवेदनों में दस्तावेजी विसंगतियां पाई गईं। सत्यापन के बाद कुल 57,877 आवेदन वैध पाए गए, जिनमें 34,894 ऋणी और 22,983 गैर-ऋणी किसान शामिल हैं।
बैठक में उपायुक्त ने गलत भूमि अभिलेखों, दोहराव वाले आवेदनों और दस्तावेजों में पाई गई विसंगतियों के सत्यापन की जानकारी ली। इसके बाद समिति ने सर्वसम्मति से 57,877 आवेदनों और 37,437.15 हेक्टेयर स्वीकृत क्षेत्रफल को मंजूरी दी।
स्वीकृत आवेदनों में अगहनी धान के 54,793 आवेदन और 36,550.22 हेक्टेयर क्षेत्रफल शामिल हैं। वहीं, भदई मक्का के 3,084 आवेदन 886.92 हेक्टेयर क्षेत्रफल के लिए स्वीकृत किए गए।
बैठक में उप विकास आयुक्त असीम किस्पोट्टा, अपर समाहर्ता पूनम कच्छप, जिला कृषि पदाधिकारी अनूप कुमार हेम्ब्रम, जिला सहकारिता पदाधिकारी मनोज कुमार, जिला मत्स्य पदाधिकारी रितु रंजन, जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. शैलेंद्र प्रसाद, जिला गव्य विकास पदाधिकारी बिपिन कुमार, डीपीएम जेएसएलपीएस राहुल रंजन सहित अन्य संबंधित अधिकारी और बीमा कंपनी के प्रतिनिधि उपस्थित थे।



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