जामताड़ा के मेझिया दुर्गा मंदिर में धूमधाम से हुआ मां दुर्गा के कलश का विसर्जन, सिंदूर खेला में महिलाओं ने लिया बढ़-चढ़कर हिस्सा।
रिपोर्ट:उदय किशोर सिंह,
जामताड़ा। जामताड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत मेझिया दुर्गा मंदिर में विजयादशमी के अवसर पर मां दुर्गा के कलश एवं नवपत्रिका का विसर्जन हर्षोल्लास और भक्तिमय वातावरण में गाजे-बाजे के साथ किया गया। इस दौरान ढोल-नगाड़ों की गूंज और माता के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार महिलाओं ने सिंदूर खेला में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और नम आंखों से मां दुर्गा को विदाई दी।
मंदिर परिसर से शुरू हुई विसर्जन यात्रा में कमेटी के सदस्यों, महिलाओं, युवाओं, बच्चों एवं श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी लोग ढोल-नगाड़ों की धुन पर झूमते और नाचते हुए माता की भक्ति में लीन नजर आए। इसके बाद श्रद्धालु नदी तट पर पहुंचे, जहां विधि-विधान के साथ कलश एवं नवपत्रिका का विसर्जन किया गया। विसर्जन के दौरान पूरा माहौल भक्तिमय और भावुक हो गया। मां की विदाई के समय श्रद्धालुओं की आंखें नम थीं, वहीं अगले वर्ष फिर से मां के आगमन की कामना के साथ सभी ने जयकारे लगाए।
इस अवसर पर स्थानीय मुखिया मिरूदी सोरेन एवं पूर्व मुखिया कमली देवी भी विसर्जन यात्रा में शामिल हुईं और भक्तों के साथ झूमते नजर आए। महिलाओं ने पारंपरिक सिंदूर खेला के माध्यम से एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर सुख, समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना की।
कार्यक्रम के दौरान कमेटी के महासचिव भागीरथ पंडित ने सभी लोगों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि विजयादशमी का पर्व हमें अपने भीतर की बुराइयों को समाप्त करने का संदेश देता है। उन्होंने कहा, “अपने अंदर के रावण का वध करना ही इस पर्व का वास्तविक उद्देश्य है। भगवान श्रीराम के आदर्शों और विचारधारा पर चलना ही रावण के असली वध का प्रतीक है। इसलिए अपने मन में यदि द्वेष, छल-कपट और अहंकार है, तो उसका त्याग करें और भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं।”
उन्होंने कहा कि विजयादशमी केवल बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व नहीं है, बल्कि यह अपने आचरण में सकारात्मक बदलाव लाने और समाज में प्रेम, सद्भाव तथा भाईचारे को बढ़ावा देने का भी संदेश देता है।
कलश एवं नवपत्रिका विसर्जन को सफल और भक्तिमय बनाने में दुर्गा पूजा कमेटी के अध्यक्ष देव शरण मुर्मू सहित कमेटी के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर विकास मंडल, तारापद मंडल, सुभाष मिर्धा, काजल पंडित, रवि भंडारी, छोटू दास, अभय दास, अशोक गोराई, धनंजय भंडारी सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, उत्साह और पारंपरिक संस्कृति की अनूठी झलक देखने को मिली। मां दुर्गा के कलश एवं नवपत्रिका विसर्जन के साथ ही श्रद्धालुओं ने मां से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।






