गोदावरी अस्पताल के बाद नारायण हॉस्पिटल पर गिर सकती है डीसी की गाज
मेदिनीनगर : मेदनीनगर के गोदावरी अस्पताल में अस्पताल प्रबंधन के लापरवाही के कारण जच्चा बच्चा की मौत के बाद डीसी के आदेश से अस्पताल को सील कर दिया गया है और उसका निबंधन भी रद्द कर दिया गया। गोदावरी अस्पताल पर पहले भी इलाज में लापरवाही बरतने के कई आरोप लगा चुके हैं।
मालूम हो कि डाल्टनगंज स्थित नारायण हॉस्पिटल में एक युवक की मौत के बाद शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। मृतक की पहचान जपला निवासी विकास कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया।
परिजनों के अनुसार विकास कुमार सीढ़ी से गिरने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिससे उनके माथे पर गंभीर चोट आई थी। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए नारायण हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।
परिजनों ने आरोप लगाया कि इलाज के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने लापरवाही बरती। उनका कहना है कि अस्पताल द्वारा इलाज के नाम पर करीब हजारों रुपये वसूले गए। इतना ही नहीं, शव सौंपने के नाम पर भी पैसे लिए जाने का आरोप लगाया गया है।
परिजनों का यह भी कहना है कि उन्हें काफी देर तक यह कहकर गुमराह किया गया कि मरीज जीवित है, जबकि उसकी मौत हो चुकी थी। घटना से नाराज परिजन अस्पताल गेट पर शव रखकर बैठ गए और पैसे वापस करने की मांग करने लगे। उनका कहना था कि इलाज के लिए उन्होंने कर्ज लिया था और अब वे अपनी रकम वापस चाहते हैं।
इसकी जानकारी मिलते हैं पलामू डीसी दिलीप सिंह शेखावत ने जांच टीम को भेज कर रिपोर्ट मांगी है। जांच रिपोर्ट में अगर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कोई सबूत मिलते हैं तो नारायण अस्पताल पर भी जिला प्रशासन की गाज गिर सकती है। इस संबंध में नारायण हॉस्पिटल में डॉक्टर राहुल अग्रवाल से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।





