जेटेट परीक्षा: मेदिनीनगर SDM संजय पांडेय का सख्त फैसला, 1 नवंबर को परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर दायरे में लागू होगी BNS धारा 163
कमरुद्दीन अंसारी
मेदिनीनगर (पलामू): झारखंड अधिविद्य परिषद (JAC), रांची द्वारा 1नवंबर को आयोजित होने वाली 'झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा' (JTET) को पूरी तरह से कदाचारमुक्त, पारदर्शी और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए पलामू प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) संजय पांडेय ने परीक्षा की सुचिता बनाए रखने हेतु बड़ा और कड़ा आदेश जारी किया है।
SDM संजय पांडेय के निर्देशानुसार, 1 नवंबर को पलामू जिले के सभी निर्धारित परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) के तहत निषेधाज्ञा लागू रहेगी।
इन प्रखंडों के परीक्षा केंद्र रहेंगे निगरानी में
प्रशासनिक आदेश के तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 47 विद्यालय परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे:
मेदिनीनगर: 26 विद्यालय
चैनपुर: 07 विद्यालय
पाटन: 05 विद्यालय
पड़वा: 04 विद्यालय
सतबरवा: 03 विद्यालय
लेस्लीगंज: 02 विद्यालय
100 मीटर के दायरे में इन गतिविधियों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध
SDM संजय पांडेय ने साफ किया है कि परीक्षा की गरिमा और शांति भंग करने की किसी भी कोशिश से सख्ती से निपटा जाएगा। परीक्षा अवधि के दौरान 100 मीटर की परिधि में निम्नलिखित पाबंदियां प्रभावी रहेंगी:
भीड़ एकत्र करने पर रोक: 5 या उससे अधिक व्यक्तियों के एक स्थान पर जमा होने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
फोटोस्टेट दुकानें रहेंगी बंद: परीक्षा केंद्रों के आसपास (100 मीटर में) स्थित सभी फोटो कॉपी (फोटोस्टेट) की दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी।
अवांछित प्रवेश व अनधिकृत सामग्री: बिना अनुमति किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित होगा। चिट-पुर्जी, पर्चे या प्रश्नपत्र का वितरण पूरी तरह प्रतिबंधित है।
ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर रोक: बिना पूर्व अनुमति लाउडस्पीकर या किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा।
हथियार एवं अनावश्यक आवागमन: आग्नेयास्त्र, लाठी-डंडे या धारदार हथियार लेकर चलने तथा बाइक से अनावश्यक गश्त/आवागमन करने पर सख्त रोक रहेगी।
SDM ने कहा निष्पक्ष और कदाचारमुक्त परीक्षा हमारी प्राथमिकता"
"प्रशासन का उद्देश्य परीक्षा को पूरी तरह शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त माहौल में संपन्न कराना है। सभी संबंधित दंडाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और केंद्र अधीक्षकों को निर्देशों का शत-प्रतिशत व कड़ाई से पालन कराने का सख्त निर्देश दिया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर विधि-सम्मत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"






