BREAKING NEWS

logo

Advertisement
Advertisement

गूगल पे ठीक कराने के नाम पर APK फाइल भेजकर मोबाइल हैक, 1.35 लाख की साइबर ठगी



पलामू ​हुसैनाबाद में साइबर अपराधियों का नया पैंतरा, तकनीकी समस्या ठीक करने के बहाने लगाया लाखों का चूना
​दुकानदार का मोबाइल एक घंटे तक रहा हैक, तीन किस्तों में उड़ाए 1,34,999 रुपये
​पीड़ित ने हुसैनाबाद थाने में दर्ज कराई प्राथमिकी, साइबर हेल्पलाइन 1930 पर भी दर्ज कराई शिकायत

​
पलामू जिले के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने एक बार फिर अपनी शातिर चाल से एक दुकानदार को शिकार बनाया है। गूगल पे (Google Pay) की तकनीकी समस्या को दूर करने के नाम पर ठगों ने दुकानदार के मोबाइल को रिमोट एक्सेस (APK फाइल) के जरिए अपने कब्जे में ले लिया और बैंक खाते से 1 लाख 34 हजार 999 रुपये की अवैध निकासी कर ली। इस संबंध में पीड़ित दुकानदार ने हुसैनाबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
​क्या है पूरा मामला?
​जवाहिर साव गली (वार्ड संख्या-08) निवासी 54 वर्षीय दिनेश कुमार आनंद की हुसैनाबाद में दुकान है। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, गत 14 अक्टूबर 2026 को उनकी दुकान में लगा गूगल पे स्कैनर अचानक काम करना बंद कर दिया था। समस्या के समाधान के लिए उन्होंने इंटरनेट से प्राप्त एक कस्टमर केयर नंबर पर संपर्क किया।
​कुछ ही देर बाद 'नमन गुप्ता' नामक एक ठग ने उनके मोबाइल पर कॉल किया और गूगल पे की तकनीकी खामी को दूर करने का झांसा दिया। ठग ने व्हाट्सएप पर एक APK फाइल भेजकर उसे डाउनलोड करने को कहा। जैसे ही पीड़ित ने उस फाइल को डाउनलोड किया, उनका मोबाइल लगभग एक घंटे तक पूरी तरह से हैक हो गया और उनके हाथ से नियंत्रण छूट गया।
​तीन बार में हुई खाते से रकम गायब
​मोबाइल अनहैंक होने के बाद जब पीड़ित ने अपने बैंक खातों की जांच की, तो उनके होश उड़ गए। अपराधियों ने तीन अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए उनके खाते से कुल 1,34,999 रुपये उड़ा लिए थे:
​HDFC बैंक खाता (संख्या- 5010XXXXXX8346) से 85,000 रुपये — महेन्द्र अहीरवार के नाम पर ट्रांसफर किए गए।
​SBI खाता (संख्या- 3081XXXX081) से 35,000 रुपये और 14,999 रुपये — साहीबा साहीबा के नाम पर ट्रांसफर किए गए।
​साइबर हेल्पलाइन पर दर्ज कराई शिकायत
​घटना के तुरंत बाद सतर्कता दिखाते हुए पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराई, जिसका शिकायत संख्या (Ack No.) 33410560018238 है। इसके बाद उन्होंने 2 अक्टूबर 2026 को हुसैनाबाद थाने में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई।
​हुसैनाबाद पुलिस ने भुक्तभोगी के आवेदन के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है और तकनीकी सेल की मदद से आरोपियों की सुरागकशी में जुट गई है।
​विशेष सावधानी (प्रशासन की अपील):
​किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर व्हाट्सएप या अन्य माध्यम से APK फाइल डाउनलोड न करें।
​बैंक या यूपीआई (Google Pay/PhonePe/Paytm) से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए कभी भी सोशल मीडिया या अनधिकृत नंबरों पर भरोसा न करें। हमेशा आधिकारिक ऐप्स और अधिकृत हेल्पडेस्क का ही प्रयोग करें।