ड्रापआउट बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए हुसैनाबाद में परवाज पलामू अभियान की शुरुआत, 58 बच्चों के अभिभावक को किया गया जागरूक
हुसैनाबाद,पलामू: झारखंड शिक्षा परियोजना, पलामू के निर्देशानुसार हुसैनाबाद प्रखंड की कुर्मीपुर पंचायत के चौआचट्टान उत्क्रमित राजकीयकृत मध्य विद्यालय परिसर में 'परवाज पलामू' कार्यक्रम की शुरुआत की गई है. विभाग द्वारा चलाया जा रहा यह विशेष अभियान विद्यालय से दूर हो चुके (ड्रॉपआउट) बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा और विद्यालय से जोड़ने की एक महत्वपूर्ण पहल है.
कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन हुसैनाबाद अनुमंडल पदाधिकारी समीर अल्फ़्रेड मुर्मू, स्थानीय मुखिया रीना देवी और बीपीएम रंजना भारती ने माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अनुमंडल पदाधिकारी समीर अल्फ़्रेड मुर्मू ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यालय से बाहर रह रहे बच्चों की पहचान कर उनका नामांकन सुनिश्चित कराना है. उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि बीच में पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को दोबारा स्कूल लाना, उनकी नियमित उपस्थिति बनाए रखना और अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक करना आज के समय की बड़ी ज़रूरत है.
अभिभावकों से अपील करते हुए SDO ने कहा कि हर माता-पिता को अपने बच्चों की शिक्षा के प्रति सजग रहना चाहिए. सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में हर संभव सुविधाएँ मुफ्त मुहैया कराई जा रही हैं, जिसका लाभ उठाना ज़रूरी है.उन्होंने अभियान की शत-प्रतिशत सफलता के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित समाज के सभी वर्गों से सहयोग की अपील की.
मंच से जानकारी दी गई कि वर्तमान में इस विद्यालय के 58 बच्चे लगातार अनुपस्थित चल रहे हैं, जिन्हें ड्रॉपआउट की श्रेणी में माना जा रहा है. कार्यक्रम के दौरान विशेष रूप से इन सभी 58 बच्चों के अभिभावकों को आमंत्रित कर उन्हें शिक्षा का महत्व समझाया गया और बच्चों को नियमित स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया गया.
बीपीएम रंजना भारती ने 'परवाज पलामू' अभियान की रूपरेखा और इसके उद्देश्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी, जबकि कार्यक्रम का संचालन बीआरपी बिनय कुमार सिंह ने किया.मौके पर विजय मेहता, बृजेश राम, सीआरपी परमेन्द्र सिंह,अनूप सिंहा, रिसोर्स शिक्षक बिनोद कुमार, प्रधानाध्यापक विंध्याचल सिंह, अवधेश राम, बिनोद यादव, अखिलेश कुमार समेत बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और अभिभावक उपस्थित थे.






