शिवकुमार सिंह, भुरकुंडा।
भुरकुंडा कोयलांचल भदानीनगर, बासल सहित आसपास के क्षेत्रों में शनिवार को महासप्तमी पूजा के साथ पूजा पंडालो के पट खुल गए। महासप्तमी पर वैदिक मंत्रोच्चार और ढाक-ढोल की गूंज के साथ मां कालरात्रि का आह्वान किया गया। इसके बाद पूजा समितियों की ओर से नवपत्रिका प्रवेश और प्राण-प्रतिष्ठा, श्री दुर्गा सप्तशती पाठ, आरती क्षमा प्रार्थना आदि अनुष्ठान संपन्न कराकर मां के दर्शन की शुरुआत की गई। दर्शन के लिए सुबह से ही पुरुष व महिला श्रद्धालुओं के साथ-साथ बच्चों का पंडालों में तांता लगा रहा। मां कालरात्रि अज्ञान, अंधकार और सभी प्रकार के भयों व संकटों का नाश करती हैं। इन्हें मां दुर्गा का सबसे भयंकर और प्रलयकारी स्वरूप माना जाता है, लेकिन अपने भक्तों के लिए यह अत्यंत शुभ फलदायी हैं, इसीलिए इनका एक नाम शुभंकरी भी है। नवरात्र के आठवें दिन रविवार की सुबह से ही महाअष्टमी की पूजा-अर्चना होगी। जबकि सोमवार की सुबह 07:53 बजे संधिबलि सहित कई पूजा अनुष्ठान होगें। इधर पंडालो के पट खुलते ही मां के दर्शन और पूजा के लिए भक्तां की भारी भीड़ उमड़ी। पंडालों के अंदर बेहतरीन सजावट के बीच मां दुर्गा, मां सरस्वती, मां लक्ष्मी, भगवान गणेश, भगवान कार्तिकेय की प्रतिमाएं स्थापित की गई है। पंडालों को अंदर और बाहर से रंग बिरंगे विद्युत बल्बों से बेहतरीन ढंग से साज सजावट की गई है। चहुंओर मां दुर्गा के वैदिक मंत्रों और भक्ति गीतों से क्षेत्र गूंज रहे हैं। कोयलांचल सहित ग्रामीण क्षेत्रों का वातावरण दुर्गामय व भक्तिमय बना हुआ है। साथ ही दुर्गा पूजा आयोजन को लेकर भक्तो मे उमंग और उत्साह का माहौल है।
भक्तों के बीच प्रसाद का हुआ वितरण
महासप्तमी पर पूजा पंडालों और मंदिरों में माता रानी के सप्तम स्वरूप मां कालरात्रि की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। भक्तों ने माता को विशेष भोग अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। पूजा और हवन के उपरांत उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। प्रसाद ग्रहण करने के लिए महिलाओं, युवाओं और बच्चों में खासा उत्साह देखा गया। इस दौरान माता के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा।
कई जगहों पर बने हैं आकर्षक पूजा पंडाल
भुरकुंडा कोयलांचल सहित आसपास के क्षेत्रों में दो दर्जन से अधिक जगहो पर पूजा पंडाल बने हैं। भुरकुंडा पूरनराम चौक, बिरसा चौक, थाना चौक स्थित रिक्रियेशन क्लब, बौनर धौड़ा, जवाहर नगर स्थित ज्योति क्लब, सौंदा डी कलब घर, जयनगर, सेंट्रल सौंदा मैदान, सीसीएल सौंदा क्लब घर, को-ऑपरेटिव, रिभर साईड शास्त्री पार्क, गांधी पार्क, नेहरू पार्क, भदानीनगर के आईएजी ग्लास फैक्ट्री, लपंगा, सौंदा बस्ती, रसदा, बलकुदरा आदि कई जगहो पर एक से बढ़कर एक पूजा पंडालों का निर्माण हुआ है। क्षेत्र में विभिन्न मंदिरो के थीम पर पंडाल बने है जो लेगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।







