सड़क सुरक्षा पर डीसी सख्त, चुटूपालू घाटी में बढ़ेंगे साइन बोर्ड और सीसीटीवी की होगी निगरानी
हिट एंड रन के 20 पीड़ितों को मिला 2-2 लाख का मुआवजा, अतिक्रमण हटाने और ‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ लागू करने का निर्देश
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रांची एक्सप्रेस संवाददाता
रामगढ़। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने को लेकर डीसी ऋतुराज ने सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को जिला समाहरणालय के सभागार में एसपी मुकेश कुमार लुनायत की उपस्थिति में आयोजित जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में चुटूपालू घाटी में दुर्घटनाओं की रोकथाम, सड़कों से अतिक्रमण हटाने, सघन वाहन जांच और यातायात नियमों के कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए। इस दौरान जानकारी दी गई कि इस महीने हिट एंड रन के 20 आवेदकों को प्रति व्यक्ति दो लाख रुपये की सहायता राशि दी गई है।
चुटूपालू घाटी में दुर्घटनाओं पर लगेगा अंकुश
उपायुक्त ने चुटूपालू घाटी में लगी लाइटों की कार्यशीलता की जांच करने तथा दुर्घटना संभावित स्थानों पर साइन बोर्ड बढ़ाने का निर्देश दिया। ओवरस्पीडिंग पर रोक लगाने, हाईमास्ट लाइट लगाने, सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त रखने और दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) को चिह्नित कर सुधारात्मक कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।
हिट एंड रन के लंबित मामलों का जल्द हो निष्पादन
बैठक में हिट एंड रन मुआवजा योजना की समीक्षा करते हुए जिला परिवहन पदाधिकारी राजेश एक्का को लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया गया, ताकि पीड़ित परिवारों को समय पर सहायता मिल सके। विभाग की ओर से बताया गया कि इस महीने 20 आवेदकों को दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई गई है।
अतिक्रमण हटाने और वाहन जांच पर जोर
शहर में जाम की समस्या दूर करने के लिए सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही यातायात नियमों के उल्लंघन पर रोक लगाने और अवैध परिवहन के खिलाफ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सघन वाहन जांच अभियान चलाने को कहा गया।
‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ का सख्ती से पालन
बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों के खिलाफ चालान सहित नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर ‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ अभियान का अनिवार्य रूप से अनुपालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वालों को मिलेगा सम्मान
बैठक में सड़क दुर्घटना के घायलों की मदद करने वाले नेक व्यक्तियों (गुड सेमेरिटन) को सम्मानित करने का भी निर्देश दिया गया। प्रशासन का उद्देश्य दुर्घटनाओं में कमी लाने के साथ सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना और आम लोगों को जाम से राहत दिलाना है।
हिट एंड रन में मौत पर 2 लाख, गंभीर चोट पर 50 हजार मुआवजा
हिट एंड रन दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिजनों को 2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल होने पर 50 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। इसके लिए पीड़ित या परिजन संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन के साथ एफआईआर, आवश्यक मेडिकल या पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मृत्यु प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और बैंक खाते की छायाप्रति देनी होगी। जांच के बाद स्वीकृति मिलने पर मुआवजा दिया जाएगा। जिला प्रशासन ने पात्र लोगों से योजना का लाभ लेने की अपील की है।






