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हमारी सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है नवरात्रि : प्रवीण राजगढ़िया



गरबा और डांडिया के बीच अग्रसेन स्कूल में मना नवरात्र महोत्सव
महिषासुर वध, धूमन नृत्य और सिंदूर खेला रहा आकर्षण का केंद्र

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भुरकुंडा। पटेलनगर स्थित श्री अग्रसेन स्कूल में शुक्रवार को डांडिया और गरबा के बीच नवरात्र महोत्सव मनाया गया। आयोजन की शुरुआत स्कूल के निदेशक प्रवीण राजगढ़िया ने मां दुर्गा के नौ रूपों शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री का रूप धरे बच्चों की आरती उतारकर किया। आचार्य लीलेश्वर पांडेय ने मंत्रोच्चार किया। छोटे बच्चे मां दुर्गा, शंकर, गणेश, कार्तिकेय, राम, लक्ष्मण, सरस्वती, हनुमान समेत अन्य देवी-देवताओं का रूप धर महोत्सव में पहुंचे थे। बच्चों ने अपनी प्रस्तुति में मां दुर्गा की उत्पत्ति एवं उनके नौ रूपों समेत महिषासुर वध का मंचन किया। महिषासुर वध के उपरांत सिंदूर खेला का आयोजन हुआ। महोत्सव में बंगाल से आये ढोल वादकों की ताल पर किया गया धूमन नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा। मौके पर निदेशक प्रवीण राजगढ़िया ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि नवरात्रि हमारी सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। यह उत्सव न केवल ऊर्जा और उत्साह से भरा होता है, बल्कि यह जीवन में अनुशासन और एकता की भावना भी लाता है। प्राचार्य विवेक प्रधान ने कहा कि पर्व-त्योहार समाज को जोड़ते हैं। दुर्गा पूजा असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है। लाख कठिनाइयों के बावजूद हमें सदैव सत्य का मार्ग चुनना चाहिए। महोत्सव में बच्चों और शिक्षकों ने विभिन्न गरबा और डांडिया गीतों पर नृत्य करते हुए आयोजन को यादगार बनाया। महोत्सव का समापन रावण का पुतला दहन के साथ हुआ। आयोजन को सफल बनाने में सोनम खातून, मम्पी पॉल, साधना सिन्हा, प्रोन्नति मुखर्जी, दीपिका तिवारी, श्रीपर्णा गुप्ता, नीलू श्रीवास्तव, कुसुम कुमारी, प्रीति कुमारी, उषा कुमारी का योगदान रहा।