भुरकुंडा। भुरकुंडा कोयलांचल, भदानीनगर, बासल सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सृष्टि के प्रथम शिल्पकार और वास्तुकला के देवता भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना पूरे धूमधाम, विधि-विधान और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुई।
क्षेत्र के औद्योगिक प्रतिष्ठानों, सीसीएल की विभिन्न खदानों, वर्कशॉप, गैरेज, भुरकुंडा ग्रामीण जलापूर्ति योजना और ट्रैकर स्टैंड सहित कई प्रमुख स्थलों पर भगवान विश्वकर्मा की भव्य प्रतिमाएं व तस्वीरें स्थापित की गईं थी। पूजा पंडालों में पुरोहितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सभी संयंत्रों, वाहनों, औजारों और मशीनों की विशेष पूजा-अर्चना की गई थी। इस दौरान लोगों ने क्षेत्र की समृद्धि और निरंतर उन्नति की प्रार्थना की। इधर दूसरे दिन शुक्रवार को विभिन्न पूजा पंडालों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों में विधि-विधान से हवन-पूर्णाहुति की के पश्चात भव्य भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पहुंचकर महाप्रसाद ग्रहण किया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वकर्मा की जय के गगनभेदी जयघोषों के साथ प्रतिमाओं को स्थानीय जलाशयों में विसर्जित किया। प्रतिमा विसर्जन के दौरान पूरा कोयलांचल क्षेत्र भक्तिमय जयकारों से गुंजायमान रहा और श्रद्धालुओं ने नम आंखों से भगवान विश्वकर्मा को विदाई दी। इधर पेट्रोल पंप के समीप ट्रैकर स्टैंड में भव्य भंडारा का आयोजन किया गया। भंडारे में क्षेत्र के सैंकड़ों श्रद्धालु पहुंच प्रसाद ग्रहण किया। पूजा को सफल बनाने में रंजीत यादव, रंजीत साव, रंजीत गुप्ता, सुदीप सिंह उर्फ फुची, कुंजबिहारी, पिंटू सोनी, टिंकू लाला, दिनेश बेदिया, मनोज ठाकुर, निशांत ठाकुर का योगदान रहा।







