सीमावर्ती और दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षा की अलख जगा रहा एकल विद्यालय: राज्यपाल
लेह-लद्दाख से पतरातू तक पहुंच रही शिक्षा की रोशनी, बच्चों से मिले संतोष गंगवार
रांची एक्सप्रेस संवाददाता
रामगढ़। जहां बच्चों की कम संख्या के कारण सरकारी विद्यालय नहीं खुल पाए, वहां एकल विद्यालय शिक्षा की ज्योत जला रहे हैं। देश के दुर्गम और सीमावर्ती इलाकों में बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने में एकल अभियान की भूमिका सराहनीय है। यह बात झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड स्थित हरिहरपुर राजाबेड़ा गांव में आयोजित ‘एकल विद्यालय दर्शन’ कार्यक्रम में कही।
दुर्गम इलाकों में शिक्षा का सहारा एकल विद्यालय
राज्यपाल ने कहा कि एक बच्चे के लिए भी विद्यालय चलाने की परिकल्पना एकल विद्यालय की विशेषता है। देश में कई ऐसे गांव हैं, जहां बच्चों की संख्या कम होने के कारण सरकारी विद्यालय संचालित नहीं हो पाते। ऐसे स्थानों पर एकल विद्यालय बच्चों को शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने लेह-लद्दाख का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी एकल विद्यालय बच्चों को शिक्षित करने का काम कर रहे हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में इनकी भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने एकल अभियान से जुड़े लोगों के प्रयासों की सराहना की।
बच्चों ने दिखाई प्रतिभा, राज्यपाल ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल संतोष गंगवार ने एकल विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों से मुलाकात की और उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर एकल अभियान से जुड़े बच्चों ने सांस्कृतिक गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया। बच्चों ने उल्टी गिनती और पहाड़े सुनाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।






