अमर शहीद सिद्धो-कान्हू की जयंती पर झामुमो ने दी श्रद्धांजलि, संघर्ष से प्रेरणा लेने का लिया संकल्प
गढ़वा: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) जिला कमिटी द्वारा संथाल विद्रोह के महानायक अमर शहीद सिद्धो-कान्हू की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर गढ़वा स्थित जिला कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके संघर्षपूर्ण जीवन से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने संथाल विद्रोह की ऐतिहासिक महत्ता और सिद्धो-कान्हू के योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में आदिवासी समाज ने अंग्रेजों के अत्याचारों के खिलाफ संगठित संघर्ष किया, जो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक गौरवशाली अध्याय है। उनका संदेश आज भी समाज में आत्मसम्मान, एकता और अधिकारों के प्रति जागरूकता का प्रतीक बना हुआ है।
इस अवसर पर झामुमो जिला सचिव शरीफ अंसारी ने कहा कि सिद्धो-कान्हू का जीवन हमें अन्याय के खिलाफ डटकर खड़े होने तथा अपनी संस्कृति, परंपरा और अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव सजग रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को उनके विचारों को आत्मसात कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए आगे आना चाहिए।
वहीं झामुमो केंद्रीय सदस्य मनोज ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार जन-कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, जो इन महान शहीदों के सपनों को साकार करने की दिशा में एक सशक्त कदम है। उन्होंने कहा कि सिद्धो-कान्हू का नारा “करो या मरो” और “अंग्रेज हमारी माटी छोड़ो” आज भी झारखंडवासियों में जोश भरने का काम करता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने एक स्वर में अमर शहीद सिद्धो-कान्हू के बताए मार्ग पर चलने और समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।
मौके पर केंद्रीय सदस्य तनवीर आलम, कोषाध्यक्ष चंदन जायसवाल, झामुमो युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष संजय सिंह छोटू, प्रखंड अध्यक्ष फुजैल अहमद, प्रवक्ता सुजीत चंद्रवंशी, चंदन पासवान, बड़ू गुप्ता, अजय ठाकुर, प्रियम सिंह, अंकित पांडेय, ओम प्रकाश गुप्ता, ज़फर खान सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।





