पलामू: प्रमंडलीय मुख्यालय मेदिनीनगर के छह मुहान को पलामू का दिल कहा जाता है. छह मुहान पर छह अलग-अलग दिशा से रास्ता आ कर मिलती है. इस जगह को देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद चौक के नाम से भी जाना जाता है.
दरअसल, देश में कुछ ही इलाके हैं जहां छह अलग अलग रास्ते एक जगह पर मिलते हैं. पलामू में छह मुहान की तस्वीर बदलने वाली है. मेदिनीनगर नगर निगम ने इसके लिए एक कार्य योजना तैयार की है करीब पांच करोड़ रुपए की लागत से इसे ग्रीन जोन बनाया जाएगा.
इस इलाके में ट्रैफिक में बदलाव किया जाएगा और स्ट्रीट वेंडर के लिए अलग से व्यवस्था की जाएगी. छह मुहान ई-व्हीकल चार्जर के सुविधा उपलब्ध की जाएगी. वर्तमान में नगर निगम के एक भवन को तोड़कर उसे स्ट्रीट वेंडर के लिए मार्केट के रूप में विकसित किया जाएगा. पूरे इलाके को सजाया जाएगा ताकि शहर के लोग इलाके में मॉर्निंग वॉक इवनिंग वॉक कर सके. बच्चों के खेलने और उनके लिए अलग से फूड जोन भी बनाएं जाएंगे.ग्रीन जोन के लिए टेंडर जारी होने वाला है, डीपीआर तैयार हो गया है. छह मुहान को तीन अलग अलग हिस्सों में बांटा गया है. एक इनर सर्कल होगा जहां नो वेंडर और नो पार्किंग जोन बनाया जाएगा. सेकंड सर्कल भी नो वेंडर जोन रहेगा. थर्ड सर्कल में फुटकर विक्रेता या इन जैसों को रखा जाएगा. ई-व्हीकल चार्जर भी मौजूद रहेगा और ग्रीन पैचेज भी डेवलप किए जाएंगे. अगले छह से आठ महीने में प्रोजेक्ट कंप्लीट हो जाने की उम्मीद है. -जावेद हुसैन, डीडीसी सह प्रभारी नगर आयुक्त, पलामू.पलामू का छह मुहान देश भर में है चर्चित
पलामू का छह मुहान देश भर में चर्चित है. यह इलाका काफी व्यस्त माना जाता है और प्रमंडल के सभी इलाके से यहां पर रास्ते आकर मिलते हैं. डालटनगंज रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड इस चौक से काफी नजदीक है. देश के प्रथम राष्ट्रीय डॉ. राजेंद्र प्रसाद के नाम पर इस चौक का नाम रखा गया है.
देश के तत्कालीन राष्ट्रपति आर वेंकटरमण ने 1989 में डॉ. राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा का अनावरण किया था. जानकारी के अनुसार झारखंड के पलामू के अलावा उत्तर प्रदेश के वाराणसी, नई दिल्ली, गुजरात के अहमदाबाद और मध्य प्रदेश के इंदौर में ऐसे चौक मौजूद है जहां छह अलग-अलग रास्ते एक जगह आकर मिलते हैं.






